• PMC संकट के बीच सीतारमण का बयान, कहा- सरकार सहकारी बैंकों में सुधारों को लेकर प्रतिबद्ध

समाचार पत्र ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ के अड्डा कार्यक्रम को संबोधित करते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि जहां कहीं भी जरूरत होगी, हम कानून में बदलाव करेंगे। यह बदलाव इस तरह का होगा कि आप जब भी अपने को बैंक बतायेंगे तो आपको बैंकिंग नियमन कानून के सिद्धांतों के तहत काम करना होगा।

मुंबई। पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैंक (पीएमसी) बैंक संकट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को दोहराया कि सहकारी बैंकों को नियंत्रण में रखने के लिये सरकार जरूरी विधायी बदलावों को लेकर प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने कहा कि पीएमसी बैंक संकट के बाद से वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक अधिकारियों के बीच तीन बैठकें हो चुकी हैं।देश की बैंकिंग प्रणाली में जमाकर्ताओं का भरोसा बनाये रखने के लिये ये प्रयास किये जा रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: बॉम्बे हाई कोर्ट ने RBI से पूछा, PMC बैंक के जमाकर्ताओं की मदद के लिए क्या कदम उठाए?

समाचार पत्र ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ के अड्डा कार्यक्रम को संबोधित करते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि जहां कहीं भी जरूरत होगी, हम कानून में बदलाव करेंगे। यह बदलाव इस तरह का होगा कि आप जब भी अपने को बैंक बतायेंगे तो आपको बैंकिंग नियमन कानून के सिद्धांतों के तहत काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत समग्र समाधान के साथ आगे नहीं आ रही है लेकिन सरकार इस मामले में सहकारी बैंकों के लिये बेहतर निगरानी और नियमन की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक तौर तरीकों पर इस तरह बात कर रहे हैं कि वित्तीय संस्थानों को अधिकतम संभव तरीके से चलाया जा सके ताकि लोगों का बैंकों में अपना धन रखने में विश्वास बढ़े।