Anil Ambani को Supreme Court से झटका, 'धोखाधड़ी' घोषित करने की बैंक कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार

Anil Ambani
ANI
रेनू तिवारी । Apr 16 2026 4:21PM

उच्चतम न्यायालय ने उद्योगपति अनिल अंबानी की बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। बंबई उच्च न्यायालय ने तीन बैंकों द्वारा उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खातों को ‘‘धोखाधड़ी’’ वाला घोषित करने के लिए शुरू की गई कार्यवाही को जारी रखने की अनुमति दी थी।

रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अंबानी को बड़ी कानूनी राहत नहीं मिल सकी है। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अंबानी की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने बैंकों को उनके खातों को ‘‘धोखाधड़ी’’ (Fraud) घोषित करने की कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी थी।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने साथ ही अंबानी को बैंकों के कारण बताओ नोटिस के खिलाफ उच्च न्यायालय की एकल पीठ के समक्ष अपनी याचिका जारी रखने की अनुमति दी। पीठ ने एकल पीठ से अनुरोध किया कि वह इन बैंक द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के खिलाफ अंबानी की याचिका पर शीघ्र निर्णय करे।

इसे भी पढ़ें: परिसीमन पर PM Modi की Guarantee, बोले- उत्तर-दक्षिण किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा

उच्चतम न्यायालय ने यह आदेश अंबानी द्वारा दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया, जिनमें उन्होंने उच्च न्यायालय की खंडपीठ के 23 फरवरी के आदेश को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने एकल पीठ के उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ खातों को ‘‘धोखाधड़ी’’ वाला घोषित करने की कार्यवाही पर रोक लगाई गई थी।

इसके साथ ही खंडपीठ ने तीन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और ऑडिट कंपनी बीडीओ इंडिया एलएलपी द्वारा दिसंबर 2025 में एकल पीठ के अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर अपीलों को स्वीकार कर लिया था। एकल पीठ के आदेश में इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा की जा रही वर्तमान और भविष्य की सभी कार्रवाइयों पर रोक लगाई गई थी।

इसे भी पढ़ें: Women's Reservation पर Ramdas Athawale का बड़ा हमला, बोले- Delimitation का विरोध महिला विरोधी

अदालत ने कहा था कि यह कार्रवाई कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण ‘फॉरेंसिक ऑडिट’ पर आधारित है और भारतीय रिजर्व बैंक के अनिवार्य दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती है। अंबानी ने एकल पीठ के समक्ष इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी जिनमें उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को ‘‘धोखाधड़ी’’ वाले खाते घोषित करने की मांग की गई थी।

All the updates here:

अन्य न्यूज़