Tamil Nadu Budget पेश, TVK सरकार महिलाओं को देगी सोना, नवजात को अंगूठी और पशु

तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बुधवार को राज्य की टीवीके सरकार का पहला बजट पेश करते हुए महिलाओं, नवजात बच्चों और युवाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। बजट में विवाह के अवसर पर महिलाओं को आठ ग्राम सोने का सिक्का और नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे अधिक 44,527 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है।
चेन्नई, पांच अगस्त तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके सरकार) ने बुधवार को अपना पहला बजट पेश करते हुए महिलाओं को सोने का सिक्का एवं अंगूठी और दुधारू पशु देने समेत कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। साथ ही सरकार ने लोकलुभावन चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया। राज्य के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण है और राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को भारी कर्ज और सीमित आय वाली वित्तीय व्यवस्था विरासत में मिली है तथा वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने में कम से कम दो वर्ष लगेंगे। राज्य सरकार ने शराब विनिर्माताओं पर अतिरिक्त विशेषाधिकार शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है, जिससे सालाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा युवाओं के लिए ब्रांडेड साइकिल, लैपटॉप, कृत्रिम मेधा (एआई) कौशल प्रशिक्षण तथा विशेष शहरी आवास जैसी योजनाओं की भी घोषणा की गई।
विल्सन ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु की हरेक महिला को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। इसके तहत विवाह के अवसर पर महिलाओं को अन्नन सीर योजना के तहत आठ ग्राम सोने का सिक्का और एक रेशमी साड़ी दी जाएगी। संशोधित बजट अनुमान में इस योजना के लिए 812 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि थाई मामन थंगा मोथिरम तित्तम योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस योजना पर 560 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा वेत्री मगलिर बकरी पालन योजना के तहत निराश्रित विधवाओं, परित्यक्त महिलाओं, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों को पांच बकरी अथवा भेड़ खरीदने के लिए 100 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
इस योजना से लगभग 30,000 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा और इस पर 110 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने सुधार, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी है तथा निविदाओं में कथित कट (कमीशन) की प्रथा समाप्त कर दी गई है। नीतिगत मोर्चे पर टीवीके सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) का विरोध दोहराया और केंद्र से इसे समाप्त कर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर प्रवेश व्यवस्था बहाल करने का आग्रह किया।
संशोधित बजट अनुमान 2026-27 में राजस्व घाटा 55,775 करोड़ रुपये और राजकोषीय घाटा 1,21,819 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का तीन प्रतिशत है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 1,73,445 करोड़ रुपये का ऋण लेने और 51,971 करोड़ रुपये के ऋण का भुगतान करने की योजना बनाई है। 31 मार्च, 2027 तक राज्य की कुल देनदारियां 10,98,768 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 27.01 प्रतिशत होगी।
बजट में स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे अधिक 44,527 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। इसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग को 39,609 करोड़ रुपये दिए गए हैं। नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग को 29,863 करोड़ रुपये, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 23,357 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
वित्त सचिव एम.ए. सिद्दीक ने कहा कि इस बजट में कल्याणकारी योजनाओं और पूंजीगत व्यय के बीच संतुलन बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण और शिक्षा पर होने वाला व्यय निवेश है तथा सरकार ने किसी भी मौजूदा कल्याणकारी योजना में कटौती नहीं की है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर इस वर्ष 15,000 करोड़ रुपये से 18,000 करोड़ रुपये के बीच खर्च होने का अनुमान है।
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