Tata Motors का EV सेक्टर में बड़ा दांव, 3400 Commercial Vehicles का मिला बंपर ऑर्डर

देश की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता, टाटा मोटर्स, अपने विविध ईवी पोर्टफोलियो के बल पर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, जिसमें छोटे मालवाहक से लेकर भारी ट्रक और बसें शामिल हैं, जो ई-कॉमर्स से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
देश की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने 3,400 से अधिक इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों के ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर कई अलग-अलग क्षेत्रों से मिले हैं, जिनमें ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट, स्टील, खनन और सार्वजनिक परिवहन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
बता दें कि कंपनी को मिले कुल ऑर्डरों में करीब 2,000 छोटे वाणिज्यिक वाहन और पिकअप ट्रक शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 900 इलेक्ट्रिक ट्रक और करीब 500 इलेक्ट्रिक बसों के ऑर्डर भी मिले हैं। इन वाहनों का उपयोग तेज उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति, उपभोक्ता टिकाऊ सामानों के वितरण, शहरों के भीतर माल ढुलाई, औद्योगिक परिसरों में संचालन और यात्री परिवहन सेवाओं में किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और निजी कंपनियों दोनों ने बड़े स्तर पर निवेश किया है। पहले जहां इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन मुख्य रूप से सीमित परियोजनाओं तक ही दिखाई देते थे, वहीं अब बड़ी कंपनियां इन्हें नियमित संचालन में शामिल कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन लागत में बचत और उत्सर्जन घटाने की जरूरत ने इस बदलाव को तेज किया है।
टाटा मोटर्स ने बताया कि उसने अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपना इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन पोर्टफोलियो लगातार बढ़ाया है। छोटे मालवाहक वाहनों की श्रेणी में कंपनी ऐस प्रो ईवी, ऐस ईवी और इंट्रा ईवी जैसे मॉडल पेश कर रही है, जिनका इस्तेमाल अंतिम चरण की डिलीवरी और शहर के भीतर माल ढुलाई में बढ़ रहा है।
मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहन श्रेणी में कंपनी अल्ट्रा ईवी श्रृंखला के वाहन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा प्राइमा ईवी 55 टन ट्रैक्टर और प्राइमा ईवी 28 टन टिपर जैसे मॉडल भारी औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार किए गए हैं।
यात्री परिवहन के क्षेत्र में भी कंपनी ने अपनी मौजूदगी मजबूत की है। स्टारबस ईवी और अल्ट्रा ईवी बसें अब कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का हिस्सा बन रही हैं। कंपनी के अनुसार फिलहाल देश के विभिन्न शहरों में 3,800 से अधिक टाटा इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और ये मिलकर 55 करोड़ किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुकी हैं।
वहीं छोटे वाणिज्यिक वाहन खंड में 17,000 से अधिक टाटा इलेक्ट्रिक वाहन पहले से देशभर में काम कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रिक तकनीक अब केवल भविष्य की योजना नहीं, बल्कि कारोबार और सार्वजनिक परिवहन का तेजी से बढ़ता वास्तविक विकल्प बनती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चार्जिंग ढांचा और बैटरी तकनीक में सुधार इसी गति से जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत का वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर और तेजी से बढ़ सकता है।
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