TCS Data Leak Alert: कर्मचारियों के डेटा पर साइबर अटैक का खतरा, टाटा कंसल्टेंसी ने सुरक्षा को लेकर दी सफाई

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने कर्मचारी डेटा लीक की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि कंपनी का परिचालन और ग्राहक डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। यह विश्लेषण दर्शाता है कि लीक की गई सूचनाएं पुरानी और बुनियादी स्तर की हैं, जिससे सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल नहीं उठते। टीसीएस डेटा सुरक्षा और साइबर खतरों के प्रति निरंतर निगरानी बनाए हुए है।
देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने सोमवार को कहा कि उसे कर्मचारी डेटा के संभावित लीक को लेकर साइबर खतरे की चेतावनी मिली है। इसके साथ ही कंपनी ने स्पष्ट किया कि ग्राहक डेटा, ग्राहक प्रणालियों या उसकी अपनी परिचालन प्रणाली पर किसी तरह के असर का कोई संकेत नहीं है।
टीसीएस ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘कुछ कर्मचारी सूचनाओं के संभावित खुलासे को लेकर अलर्ट प्राप्त हुए हैं। ऐसा लगता है कि संबंधित जानकारी चार साल से अधिक पुरानी है और यह केवल बुनियादी कर्मचारी जानकारी तक सीमित है।’’ कंपनी ने कहा कि हमलावर ने ‘पासवर्ड स्प्रे’ और ‘मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) फटीग’ जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने का दावा किया है।
हालांकि, टीसीएस ने इन तरीकों से निपटने के लिए पिछले दो वर्षों से मजबूत सुरक्षा उपाय मौजूद होने की बात कही। टीसीएस के मुताबिक, मौजूदा समीक्षा के आधार पर उसके सुरक्षा नियंत्रण प्रभावी बने हुए हैं और वह स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि डेटा लीक के संबंध में किसी नई जानकारी के सामने आने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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