West Asia टेंशन और FIIs की बिकवाली की दोहरी मार, Share Market में बड़ी गिरावट

शेयर बाजार में बुधवार को दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 141 अंक गिरकर बंद हुआ, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव और FIIs की बिकवाली रही। एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस और रिलायंस जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बनाया, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक राहत की बात है।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा हैं। दिनभर कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने के बाद आखिर में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों के बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को लेकर सतर्कता बनी रही।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 141.90 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,867.80 अंक पर बंद हुआ हैं। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 76,224.68 का ऊपरी स्तर और 75,748.21 का निचला स्तर भी छुआ हैं। पूरे दिन के दौरान बाजार में करीब 476 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी 6.55 अंक यानी 0.03 प्रतिशत फिसलकर 23,907.15 अंक पर पहुंच गया।
मौजूद जानकारी के अनुसार सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 10 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई हैं। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र के शेयरों पर दिखाई दिया।
गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे हैं। वहीं पावर ग्रिड, इटरनल, एनटीपीसी और टाटा स्टील के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
गौरतलब है कि वैश्विक बाजारों में भी निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया हैं। इसी वजह से निवेशकों ने बड़े जोखिम लेने से दूरी बनाए रखी।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर का कहना है कि बाजार फिलहाल इंतजार और सतर्कता की स्थिति में हैं। उनके अनुसार कूटनीतिक बातचीत जारी रहने की खबरों से बाजार में घबराहट कम हुई हैं, लेकिन स्पष्ट नतीजा सामने नहीं आने से निवेशकों का भरोसा पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाया।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 3.24 प्रतिशत टूटकर 96.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया हैं। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत मानी जाती हैं।
एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए हैं। वहीं चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट में रहे हैं। यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान सकारात्मक माहौल देखने को मिला हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी भारतीय बाजार पर दबाव का बड़ा कारण बनी हुई हैं। विनिमय आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को 2,407.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं।
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को भी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थीं। सेंसेक्स 479.26 अंक टूटकर 76,009.70 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 118 अंक गिरकर 23,913.70 अंक पर पहुंच गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
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