मोटिवेशनल स्पीकर बनाकर दूसरों के जीवन में जगाएं उम्मीद की रोशनी

By वरूण क्वात्रा | Publish Date: Mar 27 2019 5:22PM
मोटिवेशनल स्पीकर बनाकर दूसरों के जीवन में जगाएं उम्मीद की रोशनी
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मोटिवेशनल स्पीकिंग के लिए वर्तमान में अलग से कोई स्पेशल कोर्स अवेलेबल नहीं है और न ही इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए पहले का अनुभव आवश्यक है। बस आपके भीतर एक मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए।

बातें करना तो हर किसी को पसंद होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि महज आपके बात करने का तरीका ही आपको पैसा और शोहरत दिलाए तो। जी हां, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपने शब्दों का जादू दूसरों पर कुछ इस कदर बिखेरते हैं कि लोग मायूसी के अंधकार से निकलकर उम्मीदों की रोशनी में एक नई आशा के साथ कार्य करते हैं। इन्हीं को लोग कहते हैं मोटिवेशन स्पीकर। तो चलिए जानते हैं इस क्षेत्र की खूबियों व जरूरतों के बारे में−


क्या होता है काम
कुछ लोग जब बोलते हैं तो लोगों को नींद आती है, वहीं कुछ लोग अपने शब्दों के जरिए लोगों के अंतर्मन को भी जगा देते हैं। ऐसा ही कुछ काम होता है मोटिवेशन स्पीकर का। वह वास्तव में कोई स्पीच नहीं देते, बल्कि सबसे पहले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। इसके बाद भी वह सिर्फ गंभीर बातें ही नहीं करतें। बल्कि गंभीर बातों को कुछ इस कदर पेश करते हैं कि सुनने वाला व्यक्ति खुद को उससे जुड़ा हुआ पाए। इसके लिए अपनी स्पीच के बीच में वह कुछ आसान उदाहरणों और कभी−कभी कुछ हल्के−फुल्के मजाक का भी प्रयोग कर लेता है। एक मोटिवेशन स्पीकर का मुख्य काम लोगों को इंस्पायर करना व अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनमें एक नया जोश भरना होता है ताकि लोग अपनी सफलता की दिशा में कदम बढ़ा सकें। 
 
स्किल्स
सुनने में भले ही आसान लगे लेकिन एक मोटिवेशनल स्पीकर का काम काफी कठिन होता है। लोगों को प्रेरित करने व अपनी बातों को उदाहरणों के जरिए साबित करने के लिए उसकी जानकारी काफी अच्छी होनी चाहिए। भिन्न−भिन्न  समाज, स्थान और देश−प्रदेश के लोगों के कल्चर, लाइफ स्टाइल आदि के बारे में जानकारी होने के बाद ही व्यक्ति एक सफल मोटिवेशनल स्पीकर बन सकता है। यह जरूरी नहीं है कि लोग आपको सुनें ही। इसके लिए आपको खुद के भीतर वह स्किल्स पैदा करने पड़ते हैं ताकि लोग आप पर विश्वास करें और आपकी बातों को पूरे इंटरस्ट के साथ सुनें। आपके भीतर अच्छे कम्युनिकेशन स्किल्स के साथ लीडरशिप क्वालिटीज व सकारात्मक दृष्टिकोण का होना भी बेहद आवश्यक है। वहीं आपकी बातों में नयापन, उत्साह, विश्वसनीयता, आत्मविश्वास जैसे गुण आपके काम को आसान व प्रभावी बनाते हैं। चूंकि आपका काम बातों से जुड़ा है, इसलिए आपकी आवाज एकदम क्लीयर व मैसेज बिल्कुल साफ समझ में आना चाहिए। 


योग्यता 


मोटिवेशनल स्पीकिंग के लिए वर्तमान में अलग से कोई स्पेशल कोर्स अवेलेबल नहीं है और न ही इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए पहले का अनुभव आवश्यक है। बस आपके भीतर एक मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए। वैसे मोटिवेशनल स्पीकिंग के लिए अलग से प्रोफेशनल कोर्स न होने के कारण कई तरह के मैनेजमेंट स्कूल्स में स्पीकिंग पावर पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
 
संभावनाएं
मोटिवेशनल स्पीकर के लिए काम की कोई कमी नहीं है। आप कई कॉरपोरेट कंपनियों से लेकर सरकारी एंजेसी, स्कूल, कॉलेज, कंपनी सेमिनार, टेड शो व गैर लाभकारी संगठनों के लिए स्पीकिंग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कई प्रकार के कार्यक्रमों में भी मोटिवेशनल स्पीकर्स को बुलाया जाता है। वैसे आप चाहें तो इंटरनेट व यूट्यूब के जरिए भी अपना काम शुरू कर सकते हैं। 
आमदनी
मोटिवेशनल स्पीकर की आमदनी उसके भीतर छिपे स्किल्स पर निर्भर करती है। अगर लोग आपको सुनना पसंद करते हैं या फिर आप अपनी बातों से लोगों को भीतर तक प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं तो आपकी आमदनी की कोई सीमा नहीं है। वैसे थोड़े अनुभव के पश्चात आपकी आमदनी प्रतिमाह चालीस से पचास हजार रूपए आसानी से हो सकती है। 
 
प्रमुख संस्थान
फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, नई दिल्ली।
इंडियन एकेडमी ऑफ पब्लिक स्पीकिंग, बेंगलुरू।
 
- वरूण क्वात्रा

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