समुद्री जीवन में रखते हैं रूचि तो बनाएं मरीन बायोलॉजी में कॅरियर

समुद्री जीवन में रखते हैं रूचि तो बनाएं मरीन बायोलॉजी में कॅरियर

एक मरीन बायोलॉजिस्ट को समुद्री जीव विज्ञान का अध्ययन करना होता है। वह सिर्फ समुद्र के भीतर रहने वाले जीवों के जीवन और आवास पर ही अध्ययन नहीं करते, बल्कि समुद्र के भीतर पेड़−पौधों का भी अध्ययन करते हैं। मरीन बायोलॉजिस्ट समुद्री जीव−जंतुओं व पेड़−पौधों के संरक्षण में एक अहम भूमिका निभाते हैं।

आज के समय में युवा नौ से पांच की नौकरी करना पसंद नहीं करते, बल्कि वह कुछ रोमांचक और अलग करना चाहते हैं। अगर आप भी कुछ थ्रिलिंग करने में विश्वास रखते हैं और समुद्री जीवन का रहस्य आपको अपनी ओर आकर्षित करता है तो आप मरीन बायोलॉजी में अपना करियर देख सकते हैं। यह एक ऐसा कॅरियर विकल्प है, जो काफी अलग है, इसलिए अगर आप इस क्षेत्र में जाने की सोच रहे हैं तो आपको इसके बारे में अच्छी तरह पता होना चाहिए

इसे भी पढ़ें: म्यूजिक से करते हैं खासा प्यार, तो यहां बनाएं कॅरियर

क्या होता है काम

एक मरीन बायोलॉजिस्ट को समुद्री जीव विज्ञान का अध्ययन करना होता है। वह सिर्फ समुद्र के भीतर रहने वाले जीवों के जीवन और आवास पर ही अध्ययन नहीं करते, बल्कि समुद्र के भीतर पेड़−पौधों का भी अध्ययन करते हैं। मरीन बायोलॉजिस्ट समुद्री जीव−जंतुओं व पेड़−पौधों के संरक्षण में एक अहम भूमिका निभाते हैं।

स्किल्स

अगर आप भी इस क्षेत्र में खुद को स्थापिक करने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपमें समुद्री जीवन व उसके बारे में विस्तार से जानने की गहरी रूचि होनी चाहिए। इसके अलावा आपका शारीरिक व मानसिक तौर पर काफी मजबूत होना जरूरी है। इस क्षेत्र में काम का कोई निश्चित समय नहीं होता और इसलिए आपको इसके लिए भी खुद को मानसिक रूप से तैयार करना चाहिए। इसके अलावा इस क्षेत्र में आपके भीतर ऑब्जर्वेशन स्किल भी बेहतरीन होनी चाहिए ताकि आपके द्वारा की गई रिसर्च काम आ सके।

इसे भी पढ़ें: किताबों से करते हैं प्यार, तो बनाएं लाइब्रेरी साइंस में कॅरियर

योग्यता

इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए आपके पास बैचलर डिग्री या मास्टर डिग्री होनी चाहिए। वहीं अगर आप कहीं पर बतौर फैकल्टी पढ़ाना चाहते हैं तो आपके पास इस क्षेत्र में डॉक्टरल डिग्री होनी चाहिए। बहुत से संस्थान मरीन बायोलॉजी में विभिन्न कोर्स करवाते हैं। वैसे अगर आप चाहें तो बायोलॉजी, जूलॉजी, फिशरीज, ईकोलॉजी और एनिमल साइंस में बैचलर डिग्री प्राप्त करने के बाद कदम बढ़ा सकते हैं।

संभावनाएं

कोर्स करने के बाद छात्र सरकारी नौकरी कर सकते हैं या फिर आप एन्वार्यनमेंटल लैबोरेट्रीज, वॉटर इंडस्ट्रीज, कोस्टल अथॉरिटीज के साथ जुड़कर में भी काम कर सकते हैं। इतना ही नहीं, कुछ समय के अनुभव के बाद आप विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी यूनिवर्सिटी और शोध संस्थानों में बतौर लेक्चरार भी पढ़ा सकते हैं। वैसे कोर्स के बाद आप विदेशों में भी आसानी से करियर की राहें तलाश सकते हैं।

आमदनी 

इस क्षेत्र में आपकी शुरूआती आमदनी 15000 से 25000 के बीच होती है। इसके बाद आपका अनुभव बढ़ने के साथ आमदनी में भी इजाफा होता है।

प्रमुख संस्थान

द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफ

आईआईटी मद्रास

कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़

कोचिन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी

अन्नामलई यूनिवर्सिटी, अन्नामलई नगर

गोवा यूनिवर्सिटी, पणजी

वरूण क्वात्रा