पटकथा लेखक बन कर सँवार सकते हैं अपना कॅरियर, जानिये कुछ जरूरी बातें

By वरूण क्वात्रा | Publish Date: Oct 15 2018 5:29PM
पटकथा लेखक बन कर सँवार सकते हैं अपना कॅरियर, जानिये कुछ जरूरी बातें

स्क्रिप्ट राइटिंग भी लेखन की ही एक शाखा है, जिसमें लेखक को लेखन से पहले इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना होता है कि उसके द्वारा लिखी गई बात को पढ़ा नहीं, बल्कि फिल्माया जाएगा।

अगर आप कल्पनाओं के आकाश में विचरते हुए कुछ अच्छे विचारों को कागज के पन्ने पर उतारने की क्षमता रखते हैं तो लेखन के क्षेत्र में अपना भविष्य देख सकते हैं। आमतौर पर लोग सभी तरह के लेखन को एक ही प्रकार का मानते हैं, लेकिन हर तरह के लेखन का अपना एक अलग पैटर्न होता है। जहां कविता लिखते समय लेखक बेहद लयपूर्ण तरीके से कम शब्दों में अपनी बात का प्रभाव छोड़ता है, वहीं एक कहानीकार अपनी बात को कहने के लिए काल्पनिक किरदारों का सहारा लेता है। इसी तरह स्क्रिप्ट राइटिंग भी लेखन की ही एक शाखा है, जिसमें लेखक को लेखन से पहले इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना होता है कि उसके द्वारा लिखी गई बात को पढ़ा नहीं, बल्कि फिल्माया जाएगा। 
 
क्या होता है काम
एक स्क्रिप्ट राइटर आमतौर पर एड के लिए जिंगल्स, टीवी सीरियल व फिल्मों के लिए राइटिंग करते हैं और हर स्वरूप में उसे अपनी कला का प्रदर्शन करना होता है। वर्तमान समय में, ऐसे जिंगल्स की डिमांड हैं, जो ग्राहकों के मन−मस्तिष्क में लंबे समय तक अपना प्रभाव छोड़ें। ठीक इसी तरह टीवी सीरियल्स व फिल्मों में भी एक स्क्रिप्ट राइटर अपनी क्रिएटिविटी का इस्तेमाल करते हुए कहानी के रूख को मोड़ते हैं, जो दर्शकों को प्रभावित करती है। मुख्य रूप से एक स्क्रिप्ट राइटर कई बातों को ध्यान में रखते हुए अपने कार्य को अंजाम देता है।
 


स्किल्स
एक बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने के लिए सबसे पहले आपका रचनात्मक होना आवश्यक है। वह कल्पनाओं को भी कागज के पन्नों पर कुछ इस कदर उतारते हैं कि देखने वाला उस पर बेहद आसानी से यकीन कर ले। स्क्रिप्ट राइटिंग का लेखन थोड़ा अलग होता है, इसलिए एक लेखक को कैरेक्टराइजेशन, सीन लिखने व स्क्रिप्ट प्ले लिखने के तरीके के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। साथ ही लीक से हटकर सोचने की दक्षता व अपनी राइटिंग में सोशल मैसेज का किसी न किसी रूप में समावेश उसके लेखन को और भी अधिक प्रभावी बनाता है। याद रखें कि इस क्षेत्र में केवल वही व्यक्ति सफल हो सकता है, जो अपनी कलम के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को बखूबी व्यक्त करना जानता हो। आज के कॉम्पिटीशन के युग को देखते हुए एक स्क्रिप्ट राइटर को डेडलाइन पर काम करना व कंप्यूटर व इंटरनेट की जानकारी होना भी आवश्यक है। 
 
योग्यता
एक स्क्रिप्ट राइटर बनने के लिए यूं तो अलग से कोई कोर्स नहीं चलाया जाता, लेकिन 12वीं के बाद पत्रकारिता के कोर्स के अंतर्गत लेखन की विभिन्न विधाओं से छात्रों को अवगत कराया जाता है। इतना ही नहीं, समय−समय पर कई तरह की वर्कशॉप्स भी शहरों में संचालित होती हैं, जिसके जरिए काफी कुछ सीखा जा सकता है।
 


संभावनाएं
एक स्क्रिप्ट राइटर के लिए काम की कोई कमी नहीं है। अगर आपमें कौशल है तो कोर्स के पश्चात आप विभिन्न एड कंपनियों, टीवी चैनल, फिल्म जगत आदि में काम की तलाश कर सकते हैं। चूंकि इन दिनों इंटरनेट का युग हैं तो आप कई तरह के मीडिया हाउस के साथ जुड़कर शॉर्ट फिल्म आदि के लिए भी स्क्रिप्ट राइटिंग कर सकते हैं या फिर इंटरनेट के माध्यम से भी लोगों को अपनी सेवाएं दे सकते हैं।
 
आमदनी
एक स्क्रिप्ट राइटर की आमदनी इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने काम में किस हद तक परिपक्व है। लेकिन फिर भी शुरूआती दौर में एक स्क्रिप्ट राइटर 25000 से 35000 रूपए मासिक आसानी से कमा सकता है। समय व अनुभव के पश्चात इस क्षेत्र में आपकी आमदनी भी बढ़ती चली जाती है।


 
प्रमुख संस्थान
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली
इंदिरा गांधी राष्टीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
 
-वरूण क्वात्रा

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