डिजिटल मार्केटिंग क्या है? आइए जानते हैं...

डिजिटल मार्केटिंग क्या है? आइए जानते हैं...

कभी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए, चाहे वह छोटा हो, चाहे बड़ा हो, खुद की प्रमोशन के लिए, किसी प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए, अपने कार्य के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए डिजिटल मार्केटिंग का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है।

आज के तकनीकी युग में सर्वाधिक इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों में से एक शब्द है "डिजिटल"!

अगर आप तकनीक के मामले में बिल्कुल ही शून्य हैं, तो भी पूरी उम्मीद है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया कैंपेन के बारे में आपने अवश्य ही सुना होगा। जिस प्रकार से भारतीय परिदृश्य में तकनीक पर जोर दिया जा रहा है, उसमें शायद ही डिजिटल शब्द से कोई अनजान होगा। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग भी एक जाना-पहचाना शब्द बन गया है।

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तात्पर्य है कि कभी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए, चाहे वह छोटा हो, चाहे बड़ा हो, खुद की प्रमोशन के लिए, किसी प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए, अपने कार्य के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए डिजिटल मार्केटिंग का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है।

इसी के बारे में यहाँ हम आपको संक्षिप्त, मगर पर्याप्त जानकारी देने का प्रयास करते हैं। इस जानकारी में डिजिटल मार्केटिंग के बारे में तो हम आपको बताएंगे ही, साथ ही साथ सर्च मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग, मोबाइल मार्केटिंग जैसे डिजिटल मार्केटिंग के मुख्य टर्म्स को भी कवर करने का प्रयत्न करेंगे...

आप कुछ यूं समझ लीजिए कि दुनिया में करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले के जमाने में जहां आप की पहुंच बहुत ही सीमित लोगों तक होती थी, आज डिजिटल तकनीक के माध्यम से, इंटरनेट के माध्यम से, आप करोड़ों लोगों तक बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर ऑनलाइन प्रचार - प्रसार इत्यादि आप पहले से ही कर रहे होंगे, और यही डिजिटल मार्केटिंग है। तात्पर्य यह है कि इंटरनेट का अपने व्यापार के प्रचार-प्रसार के लिए कितने बेहतरीन तरीके से आप इस्तेमाल कर पाते हैं, यही डिजिटल मार्केटिंग है।

हम सभी जानते ही हैं कि भारत में ही करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, और दिनों-दिन इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। कोरोना वायरस जैसी महामारी के दौर में तो वर्क फ्रॉम होम और इंटरनेट का इतना अधिक चलन बढ़ गया है कि इंटरनेट पर पहले जो लोग नहीं थे, अब वह भी आ गए हैं। या फिर जो थोड़ा बहुत ही इन्टरनेट यूज़ करते थे, वह अधिक से अधिक यूज़ करने लगे हैं और अपने प्रोफेशनल कार्यों को संपादित करने लगे हैं।

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चूंकि प्रचार-प्रसार के लिए, लोगों तक पहुंच बनाने के लिए ऑफलाइन मॉडल बहुत ही खर्चीला हो गया है, तो ऑनलाइन मॉडल अपेक्षाकृत आसान  बन गया है, और अगर आपके प्रोडक्ट में दम है, तो निश्चित तौर पर आप अधिक से अधिक लोगों तक आप आसानी से पहुंच बना सकते हैं।

पेड सर्च और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन भी डिजिटल मार्केटिंग की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ है। आपको कोई भी जानकारी सर्च करनी होती है, कुछ भी खरीदना होता है, तो अक्सर आप गूगल का सहारा लेते हैं। 

गूगल एक विशालकाय सर्च इंजन है। हालाँकि ऐसे ही दूसरे सर्च इंजन भी मार्केट में हैं, लेकिन गूगल एक तरह से इस फील्ड में मोनोपोली की हैसियत रखता है। आप कल्पना कीजिए कि जब आप कोई कीवर्ड सर्च करते हैं, कोई जानकारी सर्च करते हैं, तो कुछ जानकारियां ऊपर आती हैं, कुछ पहले पेज पर नीचे आती हैं, तो कुछ बाद के पृष्ठों पर पीछे की ओर नज़र आती हैं। 

अब जो जानकारी पहले आती है, निश्चित तौर पर लोग उस पर जाते हैं, और उस पर अपेक्षाकृत ज्यादा लोग आते हैं। यही सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन है। अगर आप बेहतरीन तरीके से अपना कंटेंट लिखते हैं, बेहतरीन तरीके से की वर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आप की जानकारी ऊपर आती है, परंतु अगर आपके पास यह सारी चीजें करने का समय नहीं है, चूंकि यह लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी होती है, तो आप शॉर्ट टर्म स्ट्रेटेजी अपनाकर पेड सर्च से रिजल्ट ला सकते हैं।

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यह गूगल की ऐड सर्विस है, जिसको एडवर्ड बोलते हैं, और गूगल ऐड की सर्विस का इस्तेमाल करके आप अपनी जानकारी गूगल सर्च में ऊपर रख सकते हैं। ऐसे में किसी कीवर्ड सर्च में सबसे ऊपर ऐड के माध्यम से आप लोगों का ध्यान अट्रैक्ट कर सकते हैं। 

चाहे आप कोई सामान बेचना चाहते हैं, कोई प्रचार करना चाहते हैं, या अपनी सर्विसेज किसी खास ऑडियंस तक पहुंचाना चाहते हैं, तो इन दोनों माध्यमों, पेड सर्च और एससीओ से आप लोगों को अट्रैक्ट कर सकते हैं।

इसी क्रम में बात करें तो सोशल मीडिया मार्केटिंग पिछले दशक में तेजी से उभरता हुआ डिजिटल टर्म बन गया है।

फेसबुक, टि्वटर, लिंकडइन, इंस्टाग्राम इत्यादि तमाम प्लेटफार्म ऑनलाइन दुनिया में भरे पड़े हैं, जहां लोग घंटों अपना समय व्यतीत करते हैं। यह प्लेटफार्म निश्चित तौर पर यूजर की तमाम जानकारियों को सहेज कर रखते हैं और उसी के अनुसार अपने विज्ञापन दाताओं को सर्विस भी देते हैं। कई लोग इस पर नेचुरल तरीके से भी ग्रो कर जाते हैं, जैसे कि सेलिब्रिटीज इत्यादि, जिनका कोई पोस्ट वायरल हो जाता है, ढेर सारे लाइक, व्यूज आते हैं और लोग अपनी वॉल पर उसे शेयर करते हैं।

यूं इसमें भी पेड सर्विस मिलती है। तात्पर्य है कि पैसे देकर यहाँ भी आप अपने कंटेंट को, अपने पेज को, या अपनी पोस्ट को बढ़ावा दे सकते हैं। फिर अधिक से अधिक टारगेट ऑडियंस तक आप इसे आसानी से पहुंचा सकते हैं। ऐसे में यह डिपेंड करता है कि आप एक्चुअल में किधर जाना चाहते हैं, और कितना खर्च करना चाहते हैं?

ईमेल मार्केटिंग और मोबाइल मार्केटिंग भी इस दुनिया का महत्वपूर्ण टूल है।

ईमेल मार्केटिंग पहले के समय में खूब चलन में था, जब आप अपने सर्विस या प्रोडक्ट की जानकारी एक ईमेल में दर्ज करके उसे अट्रैक्टिव बनाकर लोगों तक भेजते थे। इसे न्यूज लेटर कहा जाता था।

हालांकि अब वह काफी हद तक आउट डेटेड सा हो गया है, और स्पैम मेल बड़ी समस्या बन चुके हैं, किंतु फिर भी कई कंपनियां और लोग इसे आज भीअपनाते हैं।

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इसी प्रकार से मोबाइल मार्केटिंग में बात करें तो आपके मोबाइल पर तमाम मैसेज आते हैं, लोग व्हाट्सएप इत्यादि के माध्यम से आपसे संपर्क करते हैं। ऐसे में यह डिजिटल मार्केटिंग का बेहद महत्वपूर्ण भाग बन गया है। चूंकि तमाम यूजर अब मोबाइल पर शिफ्ट हो चुके हैं, और अपने कुल समय का अधिकांश भाग मोबाइल पर ही व्यतीत करते हैं।

उम्मीद है बेसिक तौर पर आप यह समझ चुके होंगे के डिजिटल मार्केटिंग क्या है, और किस तरीके से यह आपको फायदा पहुंचा सकता है।

बाकी प्रत्येक बिंदु अपने आप में एक सब्जेक्ट है, और डिजिटल मार्केटिंग के तमाम कोर्सेज में यह सब डिटेल में ऑनलाइन व ऑफलाइन अवेलेबल है। अगर आप सच में इस फील्ड से फायदा लेना चाहते हैं तो आपको इन कोर्सेज पर ध्यान देना चाहिए और न केवल इन्हें करना चाहिए, बल्कि निरंतर इनकी प्रैक्टिस भी जारी रखनी चाहिए। क्योंकि हर तरह से यह आपको फायदा देने में सक्षम है।

- मिथिलेश कुमार सिंह







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