Afghanistan Series Selection: बुमराह का वर्कलोड, रोहित की फिटनेस...चयनकर्ताओं के सामने 5 बड़ी चुनौतियां

Rohit Bumrah
ANI

अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली श्रृंखला के लिए भारतीय टीम का चयन चयनकर्ताओं के लिए एक चुनौती है, जिसमें जसप्रीत बुमराह के कार्यभार प्रबंधन और रोहित शर्मा की मैच फिटनेस प्रमुख चिंता का विषय हैं। इन वरिष्ठ खिलाड़ियों की अनिश्चितता के बीच, टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल और वनडे में प्रिंस यादव जैसे नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

अफगानिस्तान के खिलाफ अगले महीने होने वाली एकमात्र टेस्ट और तीन वनडे मैचों की श्रृंखला के लिए मंगलवार को जब राष्ट्रीय चयनकर्ता भारतीय टीम का चयन करेंगे, तब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के कार्यभार प्रबंधन (खिलाड़ियों को चोट से बचाने के लिए शारीरिक और मानसिक दबाव को नियंत्रित करने की प्रक्रिया) और रोहित शर्मा की मैच फिटनेस पर विशेष चर्चा होगी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का फाइनल 31 मई को अहमदाबाद में खेला जाना है, जबकि एक सप्ताह से भी कम समय के अंतराल पर 6 जून से मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) में अफगानिस्तान दौरे का एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा।

वनडे मैच धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में क्रमशः 14, 17 और 20 जून को खेले जाएंगे। इस बात की संभावना कम है कि बुमराह को दोनों प्रारूपों के लिए चुना जाएगा, क्योंकि वनडे में उन्हें तुरंत खिलाने की कोई जल्दबाजी नहीं है। 50 ओवर का विश्व कप अभी काफी दूर है (अक्टूबर-नवंबर 2027)। वहीं, रोहित शर्मा की फिटनेस भी चिंता का विषय बनी हुई है। आईपीएल के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह मुंबई इंडियंस के कई मुकाबलों से बाहर रहे थे। पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच में भी उन्होंने केवल ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में बल्लेबाजी की थी। ऐसे में चयनकर्ता उन्हें तभी टीम में शामिल करेंगे, जब वह पूरी तरह फिट होंगे।

दूसरी ओर, विराट कोहली ने आईपीएल में शानदार फॉर्म दिखाकर अपनी उपयोगिता फिर साबित की है। रोहित की तरह अब केवल एक प्रारूप खेलने वाले कोहली के अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों वनडे मैचों में खेलने की पूरी संभावना है। सबसे अधिक महत्व एकमात्र टेस्ट मुकाबले को दिया जा रहा है, क्योंकि हाल के समय में भारतीय टीम पारंपरिक प्रारूप में, खासकर घरेलू परिस्थितियों में, संघर्ष करती नजर आई है। बल्लेबाजों की स्पिन-अनुकूल पिचों पर कमजोरियां लगातार सामने आई हैं। पिछले वर्ष नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में यह समस्या खुलकर उजागर हुई थी। चेतेश्वर पुजारा के बाद टेस्ट टीम में नंबर तीन बल्लेबाजी क्रम अब तक स्थिर नहीं हो पाया है। साई सुदर्शन को अवसर मिले, लेकिन वह अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। अब उम्मीद जताई जा रही है कि देवदत्त पडिक्कल को घरेलू सत्र की शुरुआत से लगातार मौके दिए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने वाले आकिब नबी भी चयनकर्ताओं की चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे सत्र में 60 विकेट हासिल किए थे।

आईपीएल में अपनी तेज रफ्तार और सटीक गेंदबाजी से प्रभावित करने वाले प्रिंस यादव को वनडे श्रृंखला में आजमाया जा सकता है। बुमराह अगर टीम का हिस्सा नहीं होते हैं, तो मोहम्मद सिराज आक्रमण की अगुवाई करते नजर आ सकते हैं। प्रसिद्ध कृष्णा के भी टीम में शामिल होने की संभावना है। हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या भी पीठ में ऐंठन की समस्या से जूझ रहे हैं। आईपीएल के दौरान उनकी फिटनेस लगातार चिंता का कारण बनी रही है। ऐसे में वनडे श्रृंखला के लिए उनकी उपलब्धता पर अभी संशय बना हुआ है।

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