New Zealand से घरेलू वनडे हार पर अश्विन की दो टूक, टीम इंडिया की प्रतिक्रिया पर उठे सवाल

Ravichandran Ashwin
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Jan 20 2026 10:14PM

न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में 2-1 की हार पर रविचंद्रन अश्विन ने टीम इंडिया की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "सॉफ्ट क्रिकेट" करार दिया है। उन्होंने कहा कि समस्या प्रतिभा की नहीं, बल्कि दबाव में टीम की फीकी प्रतिक्रिया और आक्रामक मानसिकता की कमी है, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई घरेलू वनडे सीरीज़ को लेकर पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने इस हार को हल्के में लेने से इनकार करते हुए टीम इंडिया की मानसिकता और दबाव में प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

बता दें कि भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 2-1 से सीरीज़ गंवानी पड़ी, जो हाल के वर्षों में एक दुर्लभ नतीजा माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अश्विन ने अपने यूट्यूब शो ‘ऐश की बात’ में कहा कि स्कोरलाइन भारत के लिए उतनी राहत देने वाली नहीं है, जितनी दिखती है। उनके मुताबिक, मैदान पर हालात ऐसे थे जैसे न्यूजीलैंड पूरी सीरीज़ पर हावी रहा हो।

अश्विन का मानना है कि आने वाले हफ्ते यह तय करेंगे कि यह हार लोगों की याद में कितने समय तक बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आईपीएल और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट सामने हैं और अगर वहां प्रदर्शन अच्छा रहा, तो यह सीरीज़ धीरे-धीरे भुला दी जाएगी। लेकिन अगर प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो दबाव बढ़ना तय है।

गौरतलब है कि अश्विन ने साफ तौर पर कहा कि समस्या टीम की प्रतिभा या गुणवत्ता की नहीं है। उनके अनुसार, भारतीय टीम अतीत में दबाव में बेहतर प्रतिक्रिया देने के लिए जानी जाती रही है, लेकिन इस सीरीज़ में वह जज़्बा और आक्रामकता नजर नहीं आई। उन्होंने इसे “सॉफ्ट क्रिकेट” करार देते हुए कहा कि भारत ने कई मौकों पर न्यूजीलैंड को दबाव में डालने के मौके गंवाए।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह तय करना मुश्किल है कि यह कमी तैयारी की थी या मानसिक रूप से तैयार न होने की, लेकिन बाहर से देखने पर टीम की प्रतिक्रिया फीकी लगी। अश्विन के शब्दों में, भारत ने पहले कई बार मुश्किल हालात से रास्ता निकाला है, मगर इस बार वह आदत दिखाई नहीं दी।

अब जब क्रिकेट कैलेंडर टी20 प्रारूप की ओर बढ़ रहा है और टी20 वर्ल्ड कप 2026 नजदीक है, तो यह सीरीज़ एक चेतावनी की तरह देखी जा रही है। अगर टीम और उसके बड़े खिलाड़ी आने वाले टूर्नामेंट्स में लय पकड़ लेते हैं, तो यह हार पीछे छूट जाएगी। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह आलोचना सिर्फ एक सीरीज़ की नहीं, बल्कि दबाव में टीम की प्रतिक्रिया के पैटर्न पर सवाल बनकर सामने रहेगी, जो लंबे समय तक चर्चा में बनी रह सकती है।

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