बीसीसीआई ने मैच अधिकारियों, सहयोगी स्टाफ की आयु सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष की

बीसीसीआई ने मैच अधिकारियों, सहयोगी स्टाफ की आयु सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष की

बोर्ड के एक अधिकारी ने पीटीआई-से कहा,अब हमारे पास दिशानिर्देश है। अब उन्हें सेवानिवृति के लिए पांच साल अधिक समय मिलेगा। एजीएम में पूर्वोत्तर राज्यों, पुडुचेरी, बिहार और उत्तराखंड में क्रिकेट के विकास के लिए कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने मैच अधिकारियों और सहयोगी सदस्यों को बड़ी राहत देते हुए शनिवार को उनकी सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी की।  बीसीसीआई ने यहां अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान यह फैसला लिया। बीसीसीआई ने अपनी 90वीं एजीएम के बाद एक बयान में कहा,मैच अधिकारियों और सहयोगी सदस्यों की आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है, यह हालांकि उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। बोर्ड के इस फैसले से अंपायर, मैच स्कोरर, मैच रेफरी जैसे अधिकारियों को फायदा होगा।

 बोर्ड के एक अधिकारी ने पीटीआई-से कहा,अब हमारे पास दिशानिर्देश है। अब उन्हें सेवानिवृति के लिए पांच साल अधिक समय मिलेगा। एजीएम में पूर्वोत्तर राज्यों, पुडुचेरी, बिहार और उत्तराखंड में क्रिकेट के विकास के लिए कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं। अधिकारी ने कहा,प्रत्येक राज्य संघ को 10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं और हर जगह इनडोर सुविधा विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। 

अन्य फैसलों में बोर्ड ने बृजेश पटेल और एमकेजे मजूमदार को आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) संचालन परिषद में शामिल किया है। बयान में कहा गया,भारत के बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा पहले से आईपीएल संचालन समिति में भारतीय क्रिकेटर संघ के प्रतिनिधि के रूप में हैं। बीसीसीआई ने दौरा, कार्यक्रम एवं तकनीकी समिति, अंपायर समिति और डिफरेंटली एबल्ड (दिव्यांग) क्रिकेट समिति के गठन की भी घोषणा की।