Jammu-Kashmir ने रचा इतिहास! Abdul Samad के बल्ले ने दिलाई पहली Ranji Trophy, जानें पूरी कहानी

Abdul Samad
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Mar 3 2026 1:37PM

एक लापरवाह शॉट से मैच गंवाने वाले अब्दुल समद के करियर में बड़ा मोड़ तब आया जब कोच मिलाप मेवाड़ा और इरफान पठान ने उनकी मानसिकता पर काम किया। इसी बदलाव का नतीजा है कि समद ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में 748 रन बनाकर जम्मू-कश्मीर को पहली बार चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाज अब्दुल समद की, जिन्होंने पिछले कुछ सीजन में खुद को पूरी तरह बदलकर रख दिया है।

बता दें कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2019 के एक मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने इशान किशन की अगुआई वाली झारखंड टीम को महज 107 रन पर समेट दिया था। जीत आसान लग रही थी, लेकिन समद ने स्पिनर शाहबाज नदीम के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ चार रन बनाकर लौटे और टीम सात रन से मैच हार गई।

मौजूद जानकारी के अनुसार उस हार के बाद तत्कालीन कोच मिलाप मेवाड़ा ने समद से खुलकर बात की। उन्होंने माना कि कुछ सख्त शब्द कहे गए, लेकिन समद ने उस सीख को गंभीरता से लिया। यही मोड़ उनके करियर में बदलाव की शुरुआत बना।

गौरतलब है कि हालिया रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में समद जम्मू-कश्मीर के सबसे सफल बल्लेबाज बनकर उभरे। 10 मैचों में 748 रन, एक शतक और पांच अर्धशतक के साथ उन्होंने टीम को ऐतिहासिक खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खासतौर पर फाइनल में कर्नाटक क्रिकेट टीम के खिलाफ उन्होंने आक्रामकता पर संयम रखते हुए लंबी पारी खेली और मैच की दिशा तय की।

बीते सीजन 2024-25 में खराब शॉट चयन को लेकर उनकी आलोचना भी हुई थी। यहां तक कि मुंबई के खिलाफ लापरवाह अंदाज में आउट होने पर कोच अजय शर्मा ने उन्हें टीम से बाहर भी कर दिया था। लेकिन 2025-26 में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

समद के इस बदलाव के पीछे पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान की अहम भूमिका मानी जा रही है। मेवाड़ा के मुताबिक, इरफान ने उन्हें मानसिक मजबूती और दबाव में सही फैसले लेने की कला सिखाई। पहले जहां समद हर गेंद को बाउंड्री के पार भेजने की सोचते थे, वहीं अब वह परिस्थिति के मुताबिक खेलना जानते हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार अंडर-19 स्तर पर भी समद को मौका दिलाने में इरफान और मेवाड़ा की भूमिका रही। करीब 900 खिलाड़ियों के ट्रायल में उनकी तेज रन बनाने की क्षमता ने सबका ध्यान खींचा। बाद में सीनियर टीम में चयन को लेकर भी दोनों ने चयनकर्ताओं को मनाया।

आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के पूर्व कोच टॉम मूडी और सहायक कोच साइमन हेल्मोटने भी उनके खेल को निखारने में योगदान दिया। हेल्मोट के अनुसार, समद को स्थिति के अनुसार पारी बनाना, शांत रहना और हर गेंद पर सोच-समझकर फैसला लेना सिखाया गया।

दिलचस्प बात यह है कि समद ने करियर की शुरुआत ओपनर के रूप में की थी, लेकिन पूर्व भारतीय ऑलराउंडर परवेज़ रसूल की सलाह पर वह मिडिल ऑर्डर में आ गए। रसूल का कहना है कि पहले समद अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन हालिया रणजी सीजन में उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए टीम को आगे से लीड किया।

अब जब एक बड़ा मुकाम हासिल हो चुका है और आत्मविश्वास चरम पर है, तो आगे उनके सामने संभावनाओं की नई दुनिया खुलती दिख रही है। जिस खिलाड़ी ने कभी जल्दबाजी में मैच गंवाया था, वही अब धैर्य और समझदारी के दम पर टीम को जीत दिलाने वाला भरोसेमंद बल्लेबाज बन चुका है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़