भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व भारतीय गेंदबाज का छलका दर्द, बोले- पूरी जिंदगी रंगभेद झेला है

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व भारतीय गेंदबाज का छलका दर्द, बोले- पूरी जिंदगी रंगभेद झेला है

ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करने वाले क्रिकेट कमेंटेटरों पर एक ट्वीट का जवाब देते हुए 55 साल के शिवरामकृष्णन ने लिखा "मेरी आलोचना की गई है और जीवन भ मेरे रंग के साथ भेदभाव किया गया है, इसलिए यह अब मुझे परेशान नहीं करता है।

भारत के पूर्व लेगस्पिनर एल शिवरामकृष्णन ने कहा है कि उन्हें जीवन भर "रंग का भेदभाव" किया है। ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करने वाले क्रिकेट कमेंटेटरों पर एक ट्वीट का जवाब देते हुए 55 साल के शिवरामकृष्णन ने लिखा "मेरी आलोचना की गई है और जीवन भ मेरे रंग के साथ भेदभाव किया गया है, इसलिए यह अब मुझे परेशान नहीं करता है। यह दुर्भाग्य से हमारे अपने देश में होता है।"

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पूर्व गेंदबाज ने किया बरसों से ‘रंग के कारण भेदभाव’ का सामना 

पूर्व भारतीय लेग स्पिनर लक्ष्मण रामकृष्णन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जीवन भर ‘रंग के कारण भेदभाव’ का सामना किया है जो उनके अपने देश में भी किया गया है। शिवरामकृष्णन भारत के लिये नौ टेस्ट और 16 वनडे खेल चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट को सुर्खियों में लाने वाले नस्लवाद प्रकरण के संदर्भ में अपने अनुभव का खुलासा किया। शिवरामकृष्णन ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘मैंने अपनी पूरी जिंदगी रंग के कारण भेदभाव और आलोचना का सामना किया है, इसलिये यह मुझे अब परेशान नहीं करता। दुर्भाग्य से यह मेरे अपने देश में हुआ। ’’ पूर्व लेग स्पिनर उस ट्विटर पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें कमेंटेटरों पर ऑनलाइन ट्रोलिंग का संकेत दिया गया था।

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रंग को लेकर भेदभाव होने पर कई खिलाड़ियों ने उठाई आवाज

शिवरामकृष्णन ही एकमात्र भारतीय खिलाड़ी नहीं हैं जिन्होंने भेदभाव किये जाने के बारे में बात की है। बल्कि तमिलनाडु के सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद ने भी 2017 में सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उठाया था। मुकुंद भारत के लिये सात टेस्ट मैच खेल चुके हैं। उन्होंने ट्विटर पेज पर एक बयान पोस्ट किया था, जिसमें लिखा था, ‘‘मैं 15 साल की उम्र से देश के अंदर और बाहर यात्रा करता रहा हूं। जब से मैं युवा था, तब से ही लोगों की मेरी त्वचा के रंग के प्रति सनक मेरे लिये हमेशा रहस्य बनी रही है। ’’ उन्होंने बयान में कहा था, ‘‘जो भी क्रिकेट का अनुसरण करता है, वह इसे समझेगा। मैं धूप में पूरे दिन ट्रेनिंग करता और खेलता रहा हूं और कभी भी एक बार भी मुझे त्वचा के रंग के गहरे (टैन) होने का पछतावा नहीं हुआ है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा इसलिये है क्योंकि मैं जो करता हूं, मुझे वो पसंद है और आउटडोर घंटों के अभ्यास के बाद ही मैं निश्चित चीजों को हासिल करने में सफल हुआ हूं। मैं चेन्नई से हूं जो देश के सबसे गर्म स्थानों में से एक है। ’’ पिछले साल पूर्व भारतीय और कर्नाटक के तेज गेंदाबज डोडा गणेश ने भी नस्लीय भेदभाव के अनुभव के बारे में बताया था। 


लक्ष्मण शिवरामकृष्णन कौन है?

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का जन्म 31 दिसंबर 1965 में हुआ था उन्हें क्रिकेट की दुनिया में "शिवा" और एलएस के नाम से जाना जाता है। एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान क्रिकेट कमेंटेटर हैं। अपने खेल करियर के दौरान, वह दाहिने हाथ के लेग स्पिनर थे। शिवरामकृष्णन ने 12 नवंबर 2000 को भारत और बांग्लादेश के बीच एक टेस्ट मैच में अपने कमेंट्री करियर की शुरुआत की। वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की क्रिकेट समिति में खिलाड़ियों के प्रतिनिधियों में से एक के रूप में भी काम करते हैं।