आखिर क्यों बिखर जाती है टीम इंडिया की बल्लेबाजी। क्या अगले मैच में होंगे बड़े बदलाव ?

आखिर क्यों बिखर जाती है टीम इंडिया की बल्लेबाजी। क्या अगले मैच में होंगे बड़े बदलाव ?

इंग्लैंड की सरजमीं पर मौजूदा सीरीज में भारतीय ओपनर्स ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है। केएल राहुल और रोहित शर्मा की जोड़ी ने शुरुआती दोनों मैच में अच्छी पारियां खेली हालांकि वह हेडिंग्ले में उस अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसे उनसे उम्मीद की जा रही थी।

भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज में मुकाबला 1-1 से बराबरी पर है। टीम इंडिया ने लॉर्ड्स में एक शानदार जीत दर्ज की लेकिन उसके बाद जब भारतीय टीम हेडिंग्ले पहुंची तो यहां बाजी पूरे तरीके से पलट गई। भारतीय टीम पहले 78 रनों पर आउट हुई उसके बाद जब टीम इंडिया दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रही थी तो एक वक्त पर लग रहा था कि शायद कुछ करिश्मा होगा। लेकिन मैच के चौथे दिन भारत की बल्लेबाजी फिर से बिखर गई और पूरी की पूरी टीम 278 रनों पर ऑल आउट हो गई टीम इंडिया यह मुकाबला पारी और 76 रनों के अंतर से हार गई। इस मैच में भारत की हार काफी सवाल खड़े करती है। भारतीय बल्लेबाजों से एक ही सवाल है कि आखिर ऐसी क्या वजह है जो पिछले कुछ समय में हमने टीम इंडिया की पारी को कई बार बिखरते देखा है। चाहे वह ऑस्ट्रेलिया में 36 ऑल आउट हो या फिर हेडिंग्ले में 78 ऑल आउट टेस्ट क्रिकेट में कई बार भारतीय बल्लेबाजों ने विरोधी गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए। ऐसे में साथ ही यह भी सवाल खड़े होते हैं कि आखिर क्यों दिग्गजों से भरी टीम विदेशी हालात में लहराती गेंदों के सामने सरेंडर कर जाती है। इसके साथ ही टीम में चेतेश्वर पुजारा विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ी होने के बावजूद जिन्हें टेस्ट क्रिकेट में लंबा अनुभव है जो जो इंग्लैंड में अपना तीसरा दौरा कर रहे हैं वह भी इन हालात में आकर फेल हो गए।

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आखिर कहां गलती कर रहे हैं टीम इंडिया के बल्लेबाज !

इंग्लैंड की सरजमीं पर मौजूदा सीरीज में भारतीय ओपनर्स ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है। केएल राहुल और रोहित शर्मा की जोड़ी ने शुरुआती दोनों मैच में अच्छी पारियां खेली हालांकि वह हेडिंग्ले में उस अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसे उनसे उम्मीद की जा रही थी। लेकिन साथ ही सवाल यह भी है कि लगभग पिछले डेढ़ साल से खराब फॉर्म में चल रहे टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज जिसमें चेतेश्वर पुजारा विराट कोहली और रहाणे का नाम शामिल है। उनके प्रदर्शन में क्यों गिरावट हो रही है। आखिर क्यों आखिर क्यों चेतेश्वर पुजारा विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पा रहे हैं। आखिर क्यों इंग्लैंड के गेंदबाजों को भारतीय मिडल ऑर्डर की कमजोरी पता चल गई है कि इन्हें आउटसाइड ऑफ स्टंप गेंद करो और यह अपने आप उस गेंद को उस गेंद को छोड़ेंगे और स्लिप जा विकेटकीपर के पास कैच दे बैठेंगे। विराट पुजारा और रहाणे वह बल्लेबाज जिन्हें इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट में 250 से भी ज्यादा मैचों का अनुभव प्राप्त है। इसलिए उन खिलाड़ियों के स्किल्स पर सवाल उठाना लाजमी नहीं है इन खिलाड़ियों को अपने शॉट सिलेक्शन पर ध्यान देना होगा। इंग्लैंड के हालातों में बल्लेबाजों से ढीले हाथों से खेलने की उम्मीद की जाती है साथ ही बल्लेबाजों से उम्मीद करी जाती है कि वह गेंद को अपने शरीर के पास आने दें और फिर शॉर्ट्स लगाएं। इंग्लैंड ऐसी जगह नहीं है जहां सेट होने के बाद शॉर्ट लगा सकते हैं। इंग्लैंड में पूरे दिन गेंदबाजों को मदद मिलती रहती है। जहां बल्लेबाजों को अपने ऊपर कंट्रोल रखना पड़ता है। लेकिन इस बारे पर हमने अभी तक देखा कि भारतीय बल्लेबाज सेट होने के बाद अपना विकेट गंवा रहे हैं जो भारतीय टीम को काफी भारी पड़ रहा है।

क्या टीम इंडिया में बदलाव की जरूरत है ?

 इंग्लैंड में अब तक तीन मुकाबलों में तकरीबन भारत की बल्लेबाजी एक जैसी ही रही है। भारत के टॉप ऑर्डर के सातों बल्लेबाज तीनों ही मुकाबले खेले हैं। ऐसे में ये तो पक्का है कि जिस तरीके से रोहित शर्मा और केएल राहुल ने प्रदर्शन किया है अगले मैच में वही ओपनिंग करते हुए दिखाई देंगे। लेकिन साथ ही सवाल है कि क्या चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे की जगह कोई दूसरा खिलाड़ी देखने को मिलेगा या फिर टीम इंडिया किसी एक्स्ट्रा बल्लेबाज को टीम में शामिल करेगी। जिसकी वजह से भारतीय टीम को छठे नंबर पर मजबूती मिले और ऋषभ पंत विकेट कीपर के रूप में सातवें नंबर पर आकर बल्लेबाजी करें। लेकिन अब सवाल यह है कि आखिर वह कौन सा बल्लेबाज होगा जिसे टीम में जगह दी जा सकती है। अगर टीम में नजर डालें तो इस समय टीम के पास हनुमा विहारी और सूर्यकुमार यादव के रूप में दो ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो मिडिल ऑर्डर में आकर बल्लेबाजी कर सकते हैं लेकिन इसके साथ ही अब सवाल यह भी उठता है कि क्या टीम चेतेश्वर पुजारा को बाहर करेगी क्योंकि लॉर्ड्स में जिस तरीके से चेतेश्वर पुजारा ने जुझारू पारी खेली उसके बाद हेडिंग्ले की दूसरी पारी में 91 रन बनाकर चेतेश्वर पुजारा ने जगह अब बचा ली है और टीम शायद ही अगले मुकाबले में चेतेश्वर पुजारा को प्लेइंग इलेवन से बाहर करेगी। तो सवाल यह उठता है कि क्या आजिंक्य रहाणे जिस फॉर्म से जूझ रहे हैं उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर किया जा सकता है। क्योंकि वह एक तो इस टीम के उप कप्तान हैं साथ ही वह इस टीम के अनुभवी बल्लेबाज भी हैं। लेकिन उनका हालिया फॉर्म उन पर सवाल खड़े करता है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट उन्हें ओवल में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखता है या फिर सूर्यकुमार यादव का मौका देता है। जिनके बारे में पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने एक एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि "भारत को अगले मुकाबले में सूर्यकुमार यादव को मिडिल ऑर्डर में मौका देना चाहिए सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ समय से अच्छी फॉर्म में है। साथ ही उन्हें फर्स्ट क्लास मैचों में काफी अनुभव भी प्राप्त है। ऐसे में मुझे लगता है कि अगले मुकाबले में भारत को प्लेइंग इलेवन में हनुमा विहारी के ऊपर सूर्यकुमार यादव को तरजीह देनी चाहिए"। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय कप्तान विराट कोहली मिडिल ऑर्डर में कोई बदलाव करते हैं या फिर यही तिकड़ी आपको प्लेइंग इलेवन में फिर से दिखाई देगी।

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कप्तान विराट कोहली पर है अब बहुत बड़ी जिम्मेदारी !

भारतीय कप्तान विराट कोहली इस बार इंग्लैंड दौरे में पूरे तरीके से नाकाम रहे हैं। विराट कोहली के बल्ले से तकरीबन डेढ़ साल से ऊपर का समय हो गया है और कोई शतक नहीं देखने को मिला। विराट कोहली को इंटरनेशनल क्रिकेट में 50 पारियों से भी ज्यादा खेले हो चुका है जब वह सेंचुरी नहीं लगा पा रहे हैं। अगर इस सीरीज में विराट कोहली के प्रदर्शन पर नजर डाली जाए तो विराट कोहली ने तीन मैचों की 5 पारियों में अभी तक सिर्फ 125 रन ही बनाए हैं जहां उनका बेस्ट स्कोर 55 रन का है और वह सिर्फ एक अर्धशतक ही इन तीन मैचों में लगा पाए हैं। विराट कोहली इन तीन मैचों में कई बार सेट होकर आउट हुए। अगर देखा जाए तो विराट कोहली ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर ही आउट हो रहे हैं और उन्हें अब अगले दोनों मैचों में उन्हें इस कमजोरी पर लगाम लगाना होगा। क्योंकि यह बात विराट कोहली भी जानते हैं एक कप्तान के तौर पर उनका चलना काफी जरूरी है जिसकी वजह से मिडल ऑर्डर पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा और भारतीय टीम इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना कर पाएगी। क्योंकि टॉप ऑर्डर में रोहित और राहुल एक अच्छी शुरुआत दे रहे हैं लेकिन मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों शुरुआत को अच्छे से भुला नहीं पा रहे हैं। ऐसे में उम्मीद करते हैं कि आने वाले मुकाबले में विराट कोहली का बल्ला फिर से गरजेगा और वह एक बार फिर से वही विराट नजर आएंगे तो साल 2018 में इंग्लैंड की सरजमीं पर नजर आये थे।

- आयशा आलम