हुनर हाट से जुड़कर अपने उत्पादों को दें एक बड़ा बाजार, ताकि चमक उठे आपका कारोबार

हुनर हाट से जुड़कर अपने उत्पादों को दें एक बड़ा बाजार, ताकि चमक उठे आपका कारोबार

दरअसल, सरकार अब वैश्विक स्तर पर, राष्ट्रीय स्तर पर, प्रदेश स्तर पर, प्रमंडल-मंडल स्तर पर, जनपद व अनुमंडल स्तर पर ऐसे हुनर हाट को बढ़ावा दे रही है, ताकि कारीगर व शिल्पकार एक दूसरे से मिलजुलकर अपना अनुभव व पेशेवर लाभ बढ़ा सकें।

हरेक व्यक्ति में एक खास हुनर होती है, जिससे वह दुनिया को लाभान्वित करते हुए अपनी दुनियादारी को साधता है। मोदी सरकार ने ऐसे हुनर को पहचानने, उन्हें प्रशिक्षित करने, उनकी आर्थिक मदद करके उनके द्वारा तैयार उत्पादों को एक बड़ा बाजार प्रदान करने का बीड़ा उठाया है। सरकार ऐसे समूहों को तकनीकी लाभ पहुंचाने के प्रति भी सचेष्ट है। वह अपनी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, गैर सरकारी संगठनों, संस्थाओं व निजी कंपनियों के माध्यम से ऐसे पेशेवरों को प्रोत्साहित करके रोजगार के बेशुमार अवसर पैदा करना चाहती है, ताकि एक राष्ट्र के रूप में भारतवर्ष खुद आत्मनिर्भर बन सके। साथ ही अपने अतिरिक्त व गुणवत्ता पूर्ण उत्पादनों से वैश्विक जगत को भी लाभान्वित कर सके।

इसी नजरिये से गत वर्षों की भांति इस वर्ष 20 फरवरी से 1 मार्च तक नई दिल्‍ली के जवाहर लाल नेहरू स्‍टेडियम में 26वें हुनर हाट का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश के कई राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक कारीगर और शिल्पकार भाग ले रहे हैं। इनमें बड़ी संख्‍या में महिला शिल्‍पकार भी शामिल हुई हैं। क्योंकि इस बार के हुनर हाट का मुख्‍य विषय है 'वोकल फॉर लोकल'।

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अब आप भी यदि हुनरमंद एवं पेशेवर कारीगर व शिल्पकार हैं तो ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेना ना भूलें, क्योंकि इसमें शिरकत करने से न केवल आपको एक विशिष्ट पहचान मिलेगी, बल्कि उससे कतिपय खास अनुभव भी हासिल होंगे। साथ ही, बड़ा बाजार और अप्रत्याशित आर्डर जो मिलेंगे, सो अलग। 

दरअसल, सरकार अब वैश्विक स्तर पर, राष्ट्रीय स्तर पर, प्रदेश स्तर पर, प्रमंडल-मंडल स्तर पर, जनपद व अनुमंडल स्तर पर ऐसे हुनर हाट को बढ़ावा दे रही है, ताकि कारीगर व शिल्पकार एक दूसरे से मिलजुलकर अपना अनुभव व पेशेवर लाभ बढ़ा सकें। इसके वास्ते वह ऐसे आयोजनों पर विभिन्न तरह के अनुदान यानी सब्सिडी भी मुहैया करवाती है।

बता दें कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अपने से जुड़े  स्वदेशी दस्तकारों, शिल्पकारों के 26वें "हुनर हाट" का आयोजन "वोकल फॉर लोकल" थीम के साथ 20 फरवरी को शुरू होकर आगामी 1 मार्च 2021 तक किया जा रहा है, जिसमें देश के 31 से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 600 से अधिक दस्तकार, शिल्पकार शामिल हो रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कारीगर भी शामिल हैं।

# हुनर हाट ने दिया 5 लाख से ज्यादा दस्तकारों को मौका

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा देशभर के दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादनों को लोगों तक पहुंचाने एवं प्रोत्साहित करने के लिए एक "परफेक्ट प्लेटफार्म" के तौर पर "हुनर हाट" लगवाया जा रहा है, जिससे अब तक 5 लाख से ज्यादा दस्तकारों, शिल्पकारों, कलाकारों को रोजगार और रोजगार के जुड़े मौके मिल चुके हैं। लक्ष्य है कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के साथ हमलोग 75 "हुनर हाट" के जरिये 7 लाख 50 हजार दस्तकारों को रोजगार-रोजगार के मौकों से जोडे़ंगे।

# "हुनर हाट" ई प्लेटफार्म के साथ ही GeM पोर्टल पर भी

यह "हुनर हाट" ई प्लेटफार्म http://hunarhaat.org के साथ ही GeM पोर्टल पर भी देश-विदेश के लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा, जहां लोग सीधे दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों के बेहतरीन स्वदेशी सामानों को देख-खरीद सकेंगे। जाहिर है कि एक ओर जहां "हुनर हाट", देश के स्वदेशी कारीगरों, शिल्पकारों का "एम्प्लॉयमेंट और एम्पावरमेंट एक्सचेंज" साबित हुआ है, वहीं दूसरी ओर "हुनर हाट" इन कारीगरों को देश-विदेश में मौका एवं मार्केट मुहैया कराने का प्रभावी प्लेटफार्म भी बन गया है।

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# देश के सभी क्षेत्रों के पारम्परिक लजीज़ पकवानों का भी उठा सकते हैं लुत्फ

नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित हो रहे "हुनर हाट" के "बावर्चीखाने" में देश के सभी क्षेत्रों के पारम्परिक लजीज़ पकवानों का यहां आने वाले लोग लुत्फ़ उठा रहे हैं। साथ ही देश के प्रसिद्द कलाकारों के विभिन्न सांस्कृतिक, गीत-संगीत के शानदार कार्यक्रमों का भी आनंद भी ले रहे हैं। तो फिर आपको भी मौका नहीं चूकना चाहिए।

# विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के कारीगर-शिल्पकार पहुंचे दिल्ली, अब उनके राज्यों में भी लगेंगे ऐसे हाट

बता दें कि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित हो रहे हुनर हाट में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल राज्यों सहित केंद्र शासित प्रदेशों से दस्तकार, शिल्पकार, कारीगर शामिल हो रहे हैं।  वहीं, सम्बन्धित केंद्रीय मंत्री की मानें तो आने वाले दिनों में हुनर हाट का आयोजन गोवा, भोपाल, जयपुर, चंडीगढ़, मुंबई, हैदराबाद, रांची, सूरत/अहमदाबाद, कोच्चि, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, पटना, जम्मू-कश्मीर आदि स्थानों पर होगा। इसलिये आप भी अपनी पसंद व जरूरत के हिसाब से निकटवर्ती हुनर हाट में शिरकत करने का मन बना लीजिए, यहां पर अपनी भागीदारी जताने से लाभ-हानि से अलग कुछ ऐसी सीख मिलेगी, जिससे भविष्य में आपको अपने कारोबारी अथवा पेशेवर विस्तार में काफी मदद मिलेगी।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार