किसान उदय योजना: सरकारी पंप सेट से सिंचाई करना होगा आसान

किसान उदय योजना: सरकारी पंप सेट से सिंचाई करना होगा आसान

सरकार ‘किसान उदय योजना’ के जरिए किसानों के सिंचाई पम्प सेट को मुफ्त में 5 और 7.5 बीएचपी क्षमता के एनर्जी एफिशिएंट पम्प से बदल रही है। इस एनर्जी एफिशिएंट पम्प से बिजली के बिलों में 35% तक की कमी आएगी।

किसान उदय योजना उत्तरप्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत पात्र किसानों को सिंचाई हेतु ऐसे आधुनिक पंप प्रदान किये जा रहे हैं जिनमें बिजली खपत बहुत कम होती है। साथ ही इन पम्पों को सोलर ऊर्जा के सहारे भी चलाया जा सकेगा। बता दें कि समकालीन परिवेश में किसानों को खेती-बाड़ी की हर ज़रूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। वैसे भी हमारे देश को कृषि प्रधान देश माना जाता है, जिसके हर एक राज्य में किसी न किसी प्रकार की खेती-बाड़ी होती है। लेकिन उत्तर प्रदेश को कृषि प्रधान राज्य कहा जाता है, जिसकी सबसे अधिक आबादी गांव में रहती है और जिनका मुख्य कार्य खेती करना है।

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यही वजह है कि यहां की खेती में उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जाती हैं। इन्हीं में से एक किसान उदय योजना है, जो उन किसानों को बहुत राहत देगी, जिन्होंने अभी तक पंपों की सहायता से सिंचाई का लाभ नहीं उठाया है। इसके अलावा, उन किसानों को भी राहत मिलेगी, जिनकी बिजली खपत काफी होती है। क्योंकि आधुनिक सोलर पंप सौर ऊर्जा के साथ साथ बिजली से भी चलेंगे। 

लिहाजा, सबकी जेहन में एक ही सवाल उपज रहा है कि आखिर में क्या है किसान उदय योजना और आप कैसे उठा सकते हैं किसान उदय योजना का लाभ? इसलिए आपको स्पष्ट कर दूं कि यूपी किसान उदय योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की नियमित आय अर्थात आमदनी बढ़ाना है और साथ ही साथ आवश्यक कृषि उपकरणों के बारे में जानकारी भी देना है। बताया जाता है कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि साल 2022 तक किसानों को लगभग 10 लाख सिंचाई पंप बांटे जाएं। क्योंकि इन पंपों के द्वारा किसान बहुत आसानी से खेत की सिंचाई कर सकता है। खास बात है कि इन पंपों में बिजली की कम से कम खपत होगी, क्योंकि इनको इस तरह से तैयार किया गया है कि यह कम बिजली में ज़्यादा फ़ायदा दे पाएं।

बता दें कि किसान उदय योजना के तहत वितरित किये जाने वाले सोलर पंप की कुछ खास विशेषताएं हैं। अमूमन, इस योजना के तहत राज्य सरकार दो तरह के ऊर्जा कुशल पंप सेट बांटेगी। यह पंप सेट सरकार द्वारा दो हॉर्स पावर में बांटे जाएंगे। इसमें एक पंप 5 हॉर्स पावर और दूसरा पंप 7.5 हॉर्स पावर का रहेगा। किसानों को पंप के साथ स्मार्ट किट भी दी जाएगी, जिनके द्वारा किसान अपने मोबाइल फोन से ही अपने पंप को चला और बंद कर सकते हैं। इन पंप के रखरखाव का खर्च योगी सरकार देगी, जिसमें कम बिजली की खपत होगी।

इस योजना को लेकर किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार किसको मिलेगा इसका लाभ। इसके लिए सरकार ने कुछ पात्रताएँ तय की हैं, जिसके तहत यह निर्धारित किया गया है कि किसान उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। वह खेती-बाड़ी भी करता हो। यदि  किसान के पास पहले से ही पंप है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले पाएगा। वहीं, सरकार ने कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ भी निर्धारित किये हैं, जिसके अंतर्गत ज़मीन के कागजात, आधार कार्ड की कॉपी, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र और  फसल का विवरण महत्वपूर्ण है।

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जहां तक किसान उदय योजना के रजिस्ट्रेशन का सवाल है तो इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को राज्य की कृषि विभाग की वेबसाइट http://upagriculture.com/Default_ENG.aspx को खोलना होगा। उसके बाद यूपी किसान उदय योजना 2020 के लिए पंजीकरण के लिंक पर क्लिक करना होगा। जिसके बाद आपके सामने आवेदन फार्म खुलेगा। इस फार्म में आपको अपनी सारी जानकारी भरनी होगी। ध्यान रहे कि इस जानकारी में आपको अपना नाम, अपने गांव का नाम, अपने ब्लॉक या तहसील का नाम भी भरना होगा। फिर पूरा आवेदन फार्म भरने के बाद आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के बाद आपको जल्द ही विभाग द्वारा संपर्क किया जाएगा और आपकी पात्रताएँ सत्यापित होने के पश्चात आपको इस योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित हो जाएगा।

सरकार ‘किसान उदय योजना’ के जरिए किसानों के सिंचाई पम्प सेट को मुफ्त में 5 और 7.5 बीएचपी क्षमता के एनर्जी एफिशिएंट पम्प से बदल रही है। इस एनर्जी एफिशिएंट पम्प से बिजली के बिलों में 35% तक की कमी आएगी। वहीं, सरकार 2022 तक प्रदेश में 10 लाख किसानों को मुफ्त में एनर्जी एफिशिएंट पम्प उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, अगले 5 साल तक इन पम्पों के रखरखाव का खर्च भी विद्युत वितरण कंपनियां उठाएंगी।

आपको बता दें यूपी सरकार ने किसानों के लिए बागपत में इस योजना का आरंभ किया था। तब उद्घाटन कर्ता ने कहा कि सरकार ऊर्जा बचाने के लिए किसानों को ऊर्जा कुशल पंप प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य है कि कम लागत में किसान भाइयों को पंप दिए जाएंगे। इससे जहां ऊर्जा की बचत होगी, वहीं खेती-बाड़ी में भी बढ़ावा होगा।

जहां तक किसान उदय योजना के कार्यान्वयन का सवाल है तो यह जानना बेहद जरूरी है कि यूपी सरकार द्वारा इस योजना को पूर्व प्रधानमंत्री, चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन 23 दिसम्बर को वर्ष 2017 को लॉन्च किया गया था। इसके बाद, राज्य सरकार ने 2022 तक 10 लाख पंपों का वितरण करने के लिए विभिन्न चरणों में इस योजना को लागू करने की पहल की थी। वहीं, पहले चरण में 6 जिलों को कवर किया गया है जिसमें गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी, अम्बेडकरनगर, मथुरा व अलीगढ़ प्रमुख हैं। कमोबेश यह योजना आम जनता को भी लाभ प्रदान करेगी, क्योंकि ऊर्जा को संरक्षित किया जाएगा।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार