भयंकर गर्मी में बढ़ रहा है आपका भी गुस्सा? इन 5 Tips से रखें अपने दिमाग को एकदम Cool

anger
प्रतिरूप फोटो
AI Image

भीषण गर्मी न केवल शरीर, बल्कि दिमाग को भी प्रभावित करती है, जिससे गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। विशेषज्ञ इसके लिए डिहाइड्रेशन, नींद की कमी और कोर्टिसोल हार्मोन जैसे मनोवैज्ञानिक कारणों को जिम्मेदार मानते हैं, जिन्हें नियंत्रित कर मन को शांत रखा जा सकता है।

जब भंयकर गर्मी पड़ती है तो अच्छो-अच्छों की हेकड़ी निकल जाती है। इस समय उत्तर भारत में पारा 45 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। लोग भीषण गर्मी में रहना मुश्किल हो गया है। आग गोले उगलने वाली गर्मी पड़ती है, तो इंसान का गुस्सा नाक पर आ जाता है। भीषण गर्मी के कारण छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होना शुरु हो जाते हैं। घंटो तक ट्रैफिक में खड़े रहने से गुस्सा आ जाता है, छोटी-मोटी बातों पर क्रोधित हो जाना है। यह सब सीजनल अफेक्टिव डिसआर्डर के लक्षण है। इन दिनों आपके साथ भी काफी हो रहा है। इसके पीछे मनोवैज्ञानिक कारण है और इसे कैसे कंट्रोल करें, आपको इस लेख में बताएंगे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, गर्मियों में अधिक तापमान बढ़ने से व्यक्ति का शरीर ही नहीं दिमाग भी गर्म हो जाता है। इस दौरान व्यक्ति अनियंत्रित गुस्सैल हो जाता है, चिड़चिड़ा नेचर हो जाता है। अब इसे कैसे कंट्रोल करें, तो आपको बताते हैं।

गर्मियों में गुस्सा ज्यादा आने के कारण

पानी और ऑक्सीजन की कमी

भयंकर गर्मी में जब लू थपड़े मुंह पर पड़ते है, तो शरीर से पानी और ऑक्सीजन को खींच लेता है। अक्सर डिहाइड्रेशन के कारण दिमाग जल्दी गरम हो जाता है। डिहाड्रेट बॉडी के कारण व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता मर जाती है। जिससे व्यक्ति का गुस्से पारा हाई रहता है।

नींद की कमी

गर्मियों के समय नींद को पूरी करना काफी मुश्किल हो जाता है। आजकल लोग तो देर से सोते हैं, सारा समय सोशल मीडिया पर गुजरते हैं। रात को लेट सोते हैं और सुबह जल्दी उठ जाते है, जिससे कई लोगों की नींद पूरी नहीं होती है। जिस कारण से गर्मी में गुस्सा अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि पर्याप्त मात्रा में नींद लेना बहुत जरुरी है। जिससे व्यक्ति पूरा दिन चिड़चिड़ा रहता है।

कोर्टिसल का स्तर बढ़ना

कोर्सिटल एक प्रकार से तनाव हार्मोन है, जो गर्मी के समय सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। इस दौरान व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेता है, तो उसका कोर्सिटल हार्मोन बढ़ जाता है। इससे लोगों के अंदर गुस्सा बहुत तेजी से आ जाता है। कई बार ट्रैफिक के दौरान घंटों खड़े रहना या कही लाइन में लगे रहने से व्यक्ति का गुस्सा सातवें आसामान पर पहुंच जाता है। 

शारीरिक समस्याएं

जरुरी नहीं है कि गर्मी में व्यक्ति के मन पर असर हो। असल में तेज सिरदर्द, दिल की धड़कन तेज होना और माइग्रेन जैसी समस्याओं से परेशान हो जाते हैं।

गुस्सा को कैसे शांत रखें

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बताया है कि इस मौसम में गुस्सा को कम कैसे करें। जब आपको किसी पर बहुत गुस्सा आ रहा है, तो उस जगह से हट जाएं, बाहर चलें जाएं या फिर उस इंसान दूर रहे। ऐसा करने झगड़े की गुजाइंश नहीं रहेगी। जब आपका मन शांत हो जाए, तो एक गिलास ठंडा पानी पिएं, जिससे आपके दिमाग को ऑक्सीजन मिल जाए, ऐसा करने से आपका मन शांत रहेगा। 

गहरी लंबी सांसों का अभ्यास करें

  -जब भी आपको गुस्सा आएं, गहरी सांस अभ्यास करें। रोजाना सुबह उठकर डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज जरुर करनी चाहिए।

  - अगर आप बाहर हो, मार्केट में हो, या फिर रेड लाइट सिगनल पर हो, तो गुस्सा आने पर बाक्स ब्रीदिंग कर सकते हैं।

 - ऐसा करने से आपके दिमांग को शांत रहने के संकेत पहुंचते हैं। 

 - दोपहर के समय बाहर न जाएं।

 - सुबह और शाम को गहरी सांस का अभ्यास करें। नियमित रुप से वॉक करें और तनाव से दूर रहे है। जब आप ट्रैफिक में फंसे हो, तो शांत म्यूजिक सुन सकते हैं।

 - बाहर का मसालेदार व तला-भुना खाना न खाएं। जितना संभव हो आप बाहर या खुली हवा में सुकून भरी सांस जरुर लें। ऐसा करने से आपका गुस्सा जरुर शांत होगा। 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
All the updates here:

अन्य न्यूज़