कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को साख बहाली का पहला कदम बताया

Prabhasakshi Image

कांग्रेस ने देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में गहरी खामियां होने का दावा किया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा साख बहाल करने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने महाराष्ट्र में एमएच-सीईटी और बोर्ड नतीजों के अंतर पर आत्ममंथन की मांग की।

नयी दिल्ली, 30 जुलाई कांग्रेस ने देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल खड़े करते हुए बुधवार को कहा कि इसमें गहरी खामियां हैं तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसकी साख बहाल करने की दिशा में केवल पहला कदम है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि पिछले तीन वर्ष से महाराष्ट्र में समान प्रवेश परीक्षा (एमएच-सीईटी) के तहत हुई इंजीनियरिंग परीक्षा के परिणाम और कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के बीच काफी अंतर देखने को मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि एमएच-सीईटी में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले छात्र बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया कि क्या यह किसी तरह की गड़बड़ी का परिणाम है या फिर स्कूल आधारित शिक्षा की तुलना में कोचिंग संस्कृति के बढ़ते प्रभाव का। उन्होंने कहा कि इस विषय पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए अदालतों के गठन संबंधी कानून बना देना समस्या का समाधान नहीं है।

रमेश का कहना है, ‘‘पिछले कुछ महीनों में सड़कों पर उतरे लाखों युवाओं की भावनाओं और उनके जायज आक्रोश का यह अपमान है तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाने की जरूरत है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़