Quinoa vs Brown Rice: जानिए Fiber और Protein के मामले में सेहत के लिए कौन सा सुपरफूड है बेस्ट

Brown Rice vs Quinoa
Unsplash

वजन घटाने और बेहतर पाचन के लिए क्विनोआ और ब्राउन राइस दोनों लोकप्रिय विकल्प हैं। पोषण संबंधी विश्लेषण से पता चलता है कि पके हुए क्विनोआ में ब्राउन राइस की तुलना में 50 से 75 प्रतिशत अधिक फाइबर और लगभग दोगुना प्रोटीन होता है। हालांकि भारतीय व्यंजनों और बजट के हिसाब से ब्राउन राइस भी एक बेहतरीन होल-ग्रेन विकल्प है।

आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर काफी ध्यान दे रहे हैं। वजन को घटाने और बेहतरीन पाचन के लिए लोग ब्राउन राइस और क्विनोआ का सेवन कर रहे हैं। दोनों में ही फाइबर से भरपूर मात्रा पाई जाती है। अब सवाल बनता है कि इन दोनों में से कौन-सा अनाज ज्यादा फायदेमंद होता है? तो चलिए इस लेख में आपको बताते हैं कि कौन सबसे बेहतर है आपकी सेहत के लिए, किसका सेवन करें।

Brown Rice vs Quinoa: किसमें कितना होता है फाइबर?

अगर 100 ग्राम पके हुए अनाज के तौर पर तुलना करें, तो दोनों के पोषक तत्वों में काफी अंतर दिखाई देगा।

 - 100 ग्राम पका हुआ क्विनोआ- करीब 2.8 ग्राम फाइबर प्रदान करता है।

 - 100 ग्राम पका हुआ ब्राउन राइस- लगभग 1.6 से 1.8 ग्राम फाइबर देता है।

 अब कह सकते हैं कि क्विनोआ में ब्राउन राइस की तुलना में लगभ 50 से 75 प्रतिशत अधिक फाइबर होता है। लेकिन दोनों ही अनाज शरीर की फाइबर जरुरतों को पूरा करने में सहायक है। हालांकि, उतनी ही मात्रा में खाने पर क्विनोआ में आपको सबसे ज्यादा फाइबर मिलेगा।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है फाइबर?

अगर आप फाइबर युक्त भोजन करते हैं, तो इससे आपका पेट साफ रहेगा और पाचन दुरुस्त रहेगा, इसके साथ ही आपको अन्य बड़े फायदे मिलेंगे-

 - भूख पर नियंत्रण:  'न्यूट्रिशन रिव्यूज' में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, फाइबर से भरपूर भोजन पचने में थोड़ा अधिक समय लेता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और आपको बार-बार अनहेल्दी खाने चीजों से छुटकारा मिल जाता है।

 - गंभीर बीमारियों का खतरा कम: 'द लैंसेट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिक फाइबर खाने से टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों और कोलन (आंत) के कैंसर का जोखिम को कम करता है।

फाइबर ही नहीं, प्रोटीन में भी आगे है क्विनोआ

असल में ब्राउन राइस और क्विनोआ के बीच का अंतर सिर्फ फाइबर तक ही सीमित नहीं है। प्रोटीन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) के मामले में भी क्विनोआ सबसे आगे है।

 - प्रोटीन की मात्रा: आपको बताते चलें कि, 100 ग्राम पके क्विनोआ में लगभग 4.4 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इतनी मात्रा में ब्राउन राइस में सिर्फ 2.3 से 2.7 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।

 - कम्प्लीट प्रोटीन: असल में क्विनोआ को 'कम्प्लीट प्रोटीन' माना जाता है क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरुरी सभी 9 एसेंशियल एमीनो एसिड मौजूद होते हैं। पारंपरिक अनाज होने के कारण ब्राउन राइस में कुछ एमीनो एसिड की कमी होती है।

जरुर मिनरल्स: क्विनोआ में मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्व भी अधिक मात्रा में पाए जाएंगे। 

किसके सेवन से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है

यदि आप लंबे समय तक पेट को भरा रखना चाहती हैं, तो क्विनोआ एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा। इसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों की मात्रा अधिक देखने को मिलती हैं। असल में पेट भरा रहना सिर्फ अनाज पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर होता है कि आप किस तरह और किन सब्जियों, दालों या हेल्दी फैट्स के साथ सेवन कर रही हैं।

ब्राउन राइस या क्विनोआ: किसे अपनी थाली में शामिल करें?

 

क्विनोआ आपके लिए सही है यदि आप चाहते हैं-

 - प्रति सर्विंग अधिक फाइबर

 - भोजन में प्रोटीन की ज्यादा मात्रा

 - सभी जरुरी एमीनो एसिड्स से भरपूर प्लांट प्रोटीन

 - पोषक तत्वों से भरपूर नया विकल्प

ब्राउन राइस आपके लिए सही है यदि आप चाहते हैं-

 - डेली के खाने में आसानी से घुल-मिले जाने वाले टेस्ट

 - बजट फ्रेंडली है और किफायती अनाज है

 - इसको आप भारतीय दाल और करी के साथ खा सकते हैं

 - इसमें होल-ग्रेन कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
All the updates here:

अन्य न्यूज़