किसान सुरक्षा के लिए New Seed Act: कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने बुलाई बड़ी बैठक

Shivraj Singh Chouhan
ANI
अंकित सिंह । Sep 9 2026 12:21PM

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान नकली और घटिया बीजों पर अंकुश लगाने के लिए एक नया और सख्त 'बीज कानून' लाने की तैयारी में हैं। इस प्रस्तावित कानून और कृषि विकास पर चर्चा हेतु उन्होंने 10 सितंबर को किसान नेताओं की उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें कड़े जुर्माने व जेल की सज़ा जैसे प्रावधानों पर विचार किया जाएगा। यह कानून 1966 के पुराने बीज अधिनियम की जगह लेगा, जिसमें आधुनिक तकनीक और जवाबदेही का अभाव था।

केंद्र सरकार नकली और घटिया बीजों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए एक नया और सख्त 'बीज कानून' (Seed Act) लाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस प्रस्तावित कानून पर चर्चा करने के लिए 10 सितंबर को देश भर के किसान नेताओं के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है। यह बैठक संसद के आगामी सत्र से पहले गुरुवार को कृषि भवन में होगी। मंत्री चौहान का मकसद बीज कानून और कृषि के व्यापक विकास के मुद्दों पर अलग-अलग किसान संगठनों के साथ सीधे बातचीत करना है।

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भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान यूनियन (BKU), ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमिटी (AIKCC) और साउथ इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन (SIFA) समेत दर्जनों किसान संगठनों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। बातचीत के दौरान, चौहान ड्राफ्ट बिल पर राय लेंगे और ज़मीनी स्तर पर किसानों को आने वाली चुनौतियों को समझने की कोशिश करेंगे। खबरों के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में नकली या घटिया बीज बेचने वालों के लिए भारी जुर्माना और जेल की सज़ा जैसे कड़े प्रावधान शामिल हैं। चौहान कई महीनों से संकेत दे रहे हैं कि सरकार इस नए कानून के ज़रिए बीज की गुणवत्ता के नियमों को बेहतर बनाना चाहती है।

इस साल की शुरुआत में, मंत्री ने इस बिल को किसानों की सुरक्षा और पूरी सप्लाई चेन में बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया था। बिल की मुख्य विशेषताओं में QR कोड से ट्रैकिंग और 30 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। चौहान ने कहा कि 1966 का मौजूदा बीज कानून पुराना हो चुका है और इसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी और डेटा सिस्टम की कमी है। उन्होंने कहा, "हम अब ट्रेसेबिलिटी, डिजिटल रिकॉर्ड और जवाबदेही पर आधारित एक आधुनिक कानून ला रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी भी किसान के साथ धोखाधड़ी न हो।"

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उन्होंने आगे कहा कि सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि हर किसान को अच्छी क्वालिटी के बीज मिलें। अच्छी कंपनियों को बढ़ावा दिया जाएगा और गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यही इस कानून का मुख्य मकसद है।

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