Health Experts की बड़ी चेतावनी, इन 5 कारणों से बेटियों 7-8 साल में हो रहे Early Periods, रहें सावधान!

आजकल 7-8 साल की बच्चियों में पीरियड्स जल्दी आने के मामले बढ़ रहे हैं, जिसे प्रीकोशियस प्यूबर्टी कहते हैं; एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड, नींद की कमी और अत्यधिक स्क्रीन टाइम जैसे कारण जिम्मेदार हैं जो हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ते हैं।
हर लड़की के लिए पीरियड्स की शुरुआत ऐसे समय में होती है, जब उसके शरीर में कई बदलाव आने लगें। पीरियड्स का आना किसी भी लड़की में होने वाली सामान्य प्रक्रिया है। पीरियड्स का सही उम्र में शुरु होना, हर महीने समय पर आना और फिर सही उम्र में पीरियड्स आना बंद हो जाना ये एक ऐसा साइकिल है, जो सभी महिलाओं की जिंदगी में फॉलो जरुर होता है। वैसे तो पीरियड्स शुरु होने की उम्र 12-15 साल मानी जाती थी, हालांकि आजकल तो 10 साल से कम उम्र की लड़कियों में भी पीरियड्स की शुरुआत होने लगी है। इतना ही नहीं 7-8 साल की उम्र में भी कई लड़कियों को पीरियड्स आने शुरु हो चुके हैं। इसके पीछे के क्या कारण है, आइए आपको हेल्थ एक्सपर्ट की बात बताते हैं।
क्यों लड़कियों में पीरियड्स जल्दी आने लगे हैं?
- यदि आपकी बेटी को पहली बार पीरिड्स 7-8 साल की उम्र में आ गए हैं, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बेटी को प्यूबर्टी जल्दी आने पर कई बार मां के मन में ये सवाल उठता है कि इसके पीछे क्या कारण हो सकता है और यह क्या नॉर्मल है या नहीं।
- एक्सपर्ट का कहना है कि काफी समय से लड़कियों में कम उम्र में ही पीरियड्स आने की शुरुआत होने लगी है। इसके पीछे नींद की कमी, जंक फूड खाना और अत्यधिक स्क्रीन टाइम अधिक होना जैसे कई कारण शामिल है।
- अधिक स्क्रीन टाइम होने से मेलाटनिन हार्मोन और स्लीप साइकिल पर असर होता है। इसकी वजह से हार्मोन्स प्रभावित होते हैं।
- यदि आपकी बेटी की फिजिकल एक्टिविटी कम है, तो भी ऐसा हो सकता है। अक्सर फिजिकल एक्टिविटी कम होने पर शरीर में फैट जमा होने लगता है और इसके कारण से एस्ट्रोजन प्रोडक्शन बढ़ जाता है।
- स्ट्रेस में रहने के कारण भी पीरियड्स सही उम्र से पहले आ जाते हैं। वहीं, शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, तो हार्मोन्स जल्दी मैच्योर होने लगते हैं।
- नींद की कमी के कारण भी रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स समय से पहले रिलीज हो सकते हैं और इसकी वजह से भी प्यूबर्टी जल्दी आ जाती है।
- हार्मोनल क्रीम का यूज और अधिक जंक फूड का सेवन करने की वजह से भी ऐसा होता है।
अन्य न्यूज़












