Post Diwali Detox: थकान मिटाकर शरीर को दोबारा एक्टिव करने के आसान तरीके

post diwali detox
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दिवाली के दौरान अधिक खानपान और देर रात तक जागने से शरीर में थकान और सुस्ती आ जाती है। अपनी ऊर्जा वापस पाने के लिए नियमित रूप से टहलने की आदत डालें। इसके अलावा, शरीर को डिटॉक्स और संतुलित करने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम तथा आठ के आकार में की जाने वाली सिद्धा वॉक बेहद फायदेमंद हैं।

देशभर में दिवाली का त्योहार 8 नवंबर को मनाया जा रहा है। दिवाली खुशियों, स्वादिष्ट पकवान, मिठाईयों और देर रात तक चलने वाली मस्ती से भरा होता है। इस मौके पर हर किसी के घर में कई तरह के पकवान मिलते हैं। हम अपनी पसंद की चीजें खाने से खुद को रोक नहीं पाते।

कई बार मिठाई ज्यादा खा लेते हैं, तो कभी रात के देर तक जागने के कारण से नींद पूरी नहीं होती है। इस दिवाली खत्म होने के बाद कई लोगों को थकान, सुस्ती और शरीर में भारीपन महसूस होने लगता है।

अगर आप दिवाली के बाद अपनी एनर्जी वापस पाना चाहती हैं, तो अब अपनी सेहत पर ध्यान देना जरुरी है।

द‍िवाली के बाद की थकान से बॉडी को ड‍िटॉक्‍स करने के तरीके

इस तरह से धीरे-धीरे अपनी रोज को हेल्दी रूटीन में आ जाएं-

रोजाना पैदल चलें, धीरे-धीरे बढ़ाएं दूरी

दिवाली पर्व के बाद शरीर को दोबारा एक्टिव करने के लिए रोज पैदल चलें और यह एक अच्छा तरीका है। अब आपको जिम जाने या कोई हैवी एक्सरसाइज करने की जरुरत नहीं है। सुबह के समय टहलना शुरु करें-

- शुरुआत में रोजाना थोड़ी दूरी तक ही टहलें।
- धीरे-धीरे चलने की आदत पड़ने पर अपनी दूरी बढ़ाएं।
-अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार रोज 5 किलोमीटर चलने का लक्ष्य बना सकती हैं।
-टहलते समय अपनी रफ्तार आरामदायक रखें, ताकि आपको थकान या परेशानी न हो।

भस्त्रिका प्राणायाम से शरीर को करें एनर्जेटिक

दिवाली के बाद आपको सुस्ती महसूस हो रही है, तो  भस्त्रिका प्राणायाम को रोजाना अपनी रुटीन में शामिल कर सकते हैं। इसे बेलोज ब्रीथ भी कहा जाता है। इसमें नाक से सांस अंदर ली जाती है और बाहर छोड़ी जाती है। इसे करने के लिए-

- सबसे पहले किसी शांत और खुली जगह पर आराम से पालथी लगाकर बैठ जाएं।
- अपनी पीठ सीधी रखें और कंधों को बिल्कुल आराम की स्थिति में छोड़ दें।
- अब आंखें बंद करें और कुछ देर धीरे-धीरे सांस लें।
- इसके बाद नाक से 10 से 20 बार लय के साथ सांस अंदर खींचें और बाहर छोड़ें।
- फिर कुछ देर सामान्य रूप से सांस लेते हुए आराम करें।
- इस पूरी प्रक्रिया को धीरे-धीरे तीन बार दोहराएं।

ध्यान रहे कि इस प्राणायाम को करते समय जल्दबाजी या जबरदस्ती न करें। सांसों पर अपना कंट्रोल बनाए रखना जरुरी है। ध्यान रखें कि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं रहता, दिल की बीमारी, चक्कर आने की समस्या या हर्निया है, उन्हें यह अभ्यास नहीं करना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाएं भी इसे न करें।

सिद्धा वॉक से शरीर का बैलेंस बनाएं

सिद्धा वॉक चलने का सबसे खास तरीका है। इसमें आपको जमीन पर अंग्रेजी के आठ (8) के आकार में चलना होता है। वैसे इस अभ्यास शरीर की हलचल को समझने, तालमेल बनाने और बैलेंस बेहतर करने में मदद करता है। इसे करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना है-

-सबसे पहले ऐसी जगह का चुनाव करें, जहां आप आसानी से टहल सकें।
-अब जमीन पर अंग्रेजी के अंक 8 जैसी आकृति बनाते हुए चलना शुरू करें।
-पहले चक्कर में उत्तर से दक्षिण की ओर चलें।
-इसके बाद दूसरे चक्कर में दक्षिण से उत्तर की तरफ जाएं।
-दोनों दिशाओं में चलने के लिए बराबर समय रखें।
-चलते समय अपनी कमर और पीठ सीधी रखें और धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं।
-आप इस एक्सरसाइज को रोजाना 10 से 15 मिनट तक कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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