प्रियंका चोपड़ा ने फिर किया भारत का नाम रोशन, मिला UNICEF का मानवतावादी अवार्ड

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 5, 2019   11:50
  • Like
प्रियंका चोपड़ा ने फिर किया भारत का नाम रोशन, मिला UNICEF का मानवतावादी अवार्ड

फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को यूनिसेफ के डैनी काये मानवतावादी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रियंका ने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कहा कि समाज सेवा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। यह पुरस्कार एक अमेरिकी अभिनेता और समाज सेवक डैनी काये के नाम पर रखा गया है, जो यूनिसेफ के पहले सद्भावना दूत थे।

न्यूयॉर्क। फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को यूनिसेफ के ‘डैनी काये मानवतावादी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस साल जून में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने 2019 के पुरस्कार विजेता के तौर पर चोपड़ा के नाम की घोषणा की थी। अभिनेत्री ने मंगलवार रात को यहां स्नोफ्लेक बॉल में पुरस्कार ग्रहण किया।

प्रियंका ने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कहा कि समाज सेवा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। समाज सेवा जीवन का एक माध्यम बन गया है। यह पुरस्कार एक अमेरिकी अभिनेता और समाज सेवक डैनी काये के नाम पर रखा गया है, जो यूनिसेफ के पहले सद्भावना दूत थे। दिग्गज फैशन डिजाइनर डायने वॉन फुरस्टनबर्ग ने 37 वर्षीय अभिनेत्री को यह पुरस्कार सौंपा।

एक दशक से अधिक समय तक यूनिसेफ की सद्भावना दूत रहीं प्रियंका ने संगठन के साथ अपनी यात्रा के बारे में भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तब मैं बस अभिनेत्री बनी ही थी और मुझे लगने लगा था कि मुझे समाज सेवा करने के लिए एक मंच मिल गया है। मैंने उन अभियानों के साथ जुड़ना शुरू कर दिया, जिसे मैं बहुत महत्वपूर्ण मानती थी। मैं थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों और अन्य बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काम करने लगी और तभी मुझे एहसास हुआ कि मैं बहुत सारे बच्चों के साथ काम कर रही हूं। मेरी तत्कालीन प्रबंधक नताशा पाल ने मुझे बताया कि यूनिसेफ नाम का यह संगठन है और मुझे इसमें काम करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: अवतार 2 की 2019 के लिए शूटिंग समाप्त, देखिए तस्वीरे

प्रियंका ने  बताया कि मैंने इसके बारे में बहुत अधिक पढ़ना शुरू किया और मैंने स्वेच्छा से काम करना शुरू किया। कुछ साल बाद, मैं भारत में राष्ट्रीय दूत बनी और फिर मैं यूनिसेफ की अंतरराष्ट्रीय दूत बन गयी। इस यात्रा को अब 13 साल हो चुकी है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept