करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से 73 साल बाद मिले दो बिछड़े दोस्त, भावुक हुआ पल

करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से 73 साल बाद मिले दो बिछड़े दोस्त, भावुक हुआ पल

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के बाद सरदार गोपाल सिंह गुरूद्वारा दरबार साहिब के दर्शन करने पाकिस्तान आए हुए थे वहीं पाकिस्तान के मोहम्मद बशीर भी उसी समय दर्शन करने गुरूद्वारे पहुंचे हुए थे। दोनों ने एक-दूसरे को देखा तो उन्हें चेहरा जाना-पहचाना सा लगा।

करतारपुर कॉरिडोर खुल गया है और अब सिखों की भारी भीड़ दर्शन करने के लिए गुरूद्वारे पहुंच रही है। इसी बीच करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से बंटवारे के समय में एक-दूसरे से अलग हो गए दो दोस्त का मिलन हो गया है। हिंदी अखबार NBT में छपी एक खबर के मुताबिक, भारत के सरदार गोपाल सिंह की मुलाकात अपने बचपन के दोस्त मोहम्मद बशीर से हुई है। यह दोनों एक-दूसरे से बंटवारे के समय यानि कि साल 1947 में अलग हो गए थे। साल 1947 के बाद अब एक-दूसरे से मिलना एक सपने की तरह ही रहा। दोनों ने जब एक-दूसरे को देखा तो आंखों में नमी थी। देखते ही एक-दूसरे को गले लगाया। बता दें कि, भारत के सरदार गोपाल की उम्र इस समय 94 साल होगी वहीं मोहम्मद बशीर की उम्र 91 साल हो चुकी है।

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करतारपुर के दर्शन के लिए आए थे सरदार गोपाल सिंह

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के बाद सरदार गोपाल सिंह गुरूद्वारा दरबार साहिब के दर्शन करने पाकिस्तान आए हुए थे वहीं पाकिस्तान के मोहम्मद बशीर भी उसी समय दर्शन करने गुरूद्वारे पहुंचे हुए थे। दोनों ने एक-दूसरे को देखा तो उन्हें चेहरा जाना-पहचाना सा लगा। जब दोनों ने एक-दूसरे से बात की तब पता चला कि वह बचपन के दोस्त है। वहां मौजूद सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गए क्योंकि दोनों ही साल 1947 के बाद अब मिल रहे थे। माहौल काफी भावुक बना हुआ था , इस दौरान कई भारतीय समेत पाकिस्तानी नागरिकों की आंखे नम थी। बंटवारे के बाद दो दोस्तो की मुलाकात से सभी लोग काफी खुश थे। न केवल भारत, पाकिस्तान बल्कि दनिया के दूसरे देशों से भी दो दोस्तों के मिलन पर बधाइयां दी। बता दें कि, दोनों ने मिलकर अपने बचपन समेत जवानी के कई किस्से भी शेयर किए। 

विभाजन से पहले साथ गुरूद्वारे जाते थे दोनों दोस्त

गोपाल सिंह ने बताया कि, जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा नहीं हुआ था तब दोनों एक-साथ बाबा गुरु नानक के गुरुद्वारे में जाया करते थे। दोनों ही दोस्तों ने चाय पी और एक साथ खाना भी खाया। करतारपुर कॉरिडोर के खुलने पर गोपाल ने काफी खुशी जताई और दोनों ने अफने सरकार को इसके लिए शुक्रिया भी किया। 






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