भारत ताकतवर...अग्नि-6 पर पाकिस्तानी पत्रकार को अमेरिका ने सुना डाला

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में पाकिस्तानी पत्रकार तंजिला खलील ने एक बेहद रणनीतिक सवाल उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय खुफिया निर्देशक तुलसी गबाट के उस बयान का हवाला दिया जिसमें पाकिस्तान की संभावित इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल यानी कि आईसीवीएम क्षमता को भविष्य में अमेरिका के लिए एक खतरा बताया गया था।
दक्षिण एशिया की भू राजनीति में मिसाइल क्षमताएं हमेशा चर्चा का विषय रही हैं। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार तंजीला खलील और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच हुआ संवाद वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में है। यह चर्चा ना केवल पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं पर केंद्रित थी बल्कि इसमें भारत की उभरती हुई अग्नि-6 मिसाइल और अमेरिका के प्रति उसके संभावित प्रभाव पर तीखे सवाल पूछे गए। दरअसल प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में पाकिस्तानी पत्रकार तंजिला खलील ने एक बेहद रणनीतिक सवाल उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय खुफिया निर्देशक तुलसी गबाट के उस बयान का हवाला दिया जिसमें पाकिस्तान की संभावित इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल यानी कि आईसीवीएम क्षमता को भविष्य में अमेरिका के लिए एक खतरा बताया गया था। तंजिला खलील ने सीधे तौर पर भारत सैन्य प्रकृति को निशाने पर लेते हुए अग्नि-6 पर सवाल पूछा। सवाल स्पष्ट रूप से भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति और उसकी वैश्विक पहुंच को एक खतरे के रूप में पेश करने की पाकिस्तान की कोशिश थी। लेकिन अमेरिकी रक्षा सचिव पीट ने इस सवाल का जवाब बहुत ही सधे हुए और रणनीतिक अंदाज में दिया।
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पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा भारत की अग्नि-6 को खतरा बनाने की कोशिश को पूरी तरह खारिज कर देता है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया कि वह देशों द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए मिसाइल विकसित करने को उनका अधिकार मानता है और वह भारत की प्रगति को वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए सकारात्मक मानता है। खैर इस पूरे संवाद में यह साफ हो गया कि दुनिया अब भारत को एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति और एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर के रूप में देखती है। जहां पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं पर सवाल उठते हैं। वहीं भारत की मिसाइल शक्ति को अमेरिका जैसे देश क्षेत्रीय संतुलन के लिए जरूरी मानते हैं। भारत की अग्नि-6 मिसाइल जिसकी मारक क्षमता उसके वैश्विक शक्तियों की श्रेणी में खड़ा करती है। अमेरिका के लिए चिंता का विषय नहीं बल्कि एक मजबूत साझेदार की ताकत है। पीट हेक्कसेथ का जवाब ना केवल भारत के लिए सम्मानजनक था बल्कि इसने उन ताकतों को भी कड़ा संदेश दिया जो भारत की सैन्य प्रति को दुनिया के सामने गलत तरीके से पेश करना चाहते हैं।
On the same forum, Pakistani analyst cried foul over India testing the AGNI-6 with a 12,000 km range. https://t.co/YruD1PzPto pic.twitter.com/2cq06mdfX2
— DesiEsco🇮🇳 (@DesiEsco7) May 30, 2026
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