Canada को मिला EU का पहला Associate Member बनने का न्योता, मजबूत होंगे रणनीतिक रिश्ते

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट मेंबर बनने का न्योता दिया है। इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच दोनों पक्षों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है। इसके तहत रक्षा, तकनीक और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला "एसोसिएट मेंबर" बनने के लिए आमंत्रित किया। यह कदम ब्रुसेल्स और ओटावा की ओर से ट्रांसअटलांटिक व्यापार संबंधों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश का संकेत है। वॉन डेर लेयेन ने यहां अपने 'स्टेट ऑफ द यूनियन' भाषण के दौरान कहा कि मैं कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट मेंबर बनने के लिए आमंत्रित करती हूं।" यूरोपीय संघ की संधियों के तहत कनाडा पूर्ण सदस्यता के लिए पात्र नहीं है, क्योंकि ये संधियां सदस्यता को केवल यूरोपीय देशों तक ही सीमित रखती हैं। इस माहौल में एसोसिएट मेंबर का प्रस्ताव कनाडा और 27 देशों के समूह के बीच बेहतर सहयोग के लिए एक नया ढांचा हो सकता है। वॉन डेर लेयेन ने कनाडा-EU के मौजूदा व्यापारिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ने का भी प्रस्ताव दिया।
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उन्होंने कहा, "हम CETA से आगे बढ़कर 'भविष्य के लिए गठबंधन' (Alliance for the Future) की ओर बढ़ेंगे। ताकि साझा समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा का माहौल बनाया जा सके। कनाडा और EU के बीच 2016 में 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट' (CETA) पर सहमति बनी थी और 2017 से इसे अस्थायी रूप से लागू किया गया है। यह समझौता टैरिफ को काफी कम करता है और दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। प्रस्तावित "भविष्य के लिए गठबंधन" के तहत, वॉन डेर लेयेन ने कहा कि सहयोग व्यापार से कहीं आगे तक जा सकता है। उन्होंने संभावित "टेक अलायंस" (तकनीकी गठबंधन), डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस" (रक्षा औद्योगिक आधार) और "आर्कटिक जॉइंट प्रोजेक्ट" (आर्कटिक संयुक्त परियोजना) का भी ज़िक्र किया।
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उन्होंने एनर्जी, ज़रूरी मिनरल्स और बैटरी जैसे स्ट्रैटेजिक सेक्टर के साथ-साथ AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और इकोनॉमिक सिक्योरिटी जैसी उभरती टेक्नोलॉजी और सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर भी ज़्यादा सहयोग की बात कही। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब कनाडा और EU ग्लोबल ट्रेड में बढ़ती अनिश्चितता के बीच अपनी इकोनॉमिक मज़बूती बढ़ाना चाहते हैं। इसमें ओटावा और वॉशिंगटन के बीच हालिया तनाव भी शामिल है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी की वजह से पैदा हुआ था। कनाडा पर अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी में बदलाव का असर ज़्यादा पड़ा है, क्योंकि दोनों नॉर्थ अमेरिकन इकोनॉमी आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
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