चीन के 'Nostradamus' की बड़ी भविष्यवाणी, Iran-US Tension बदल देगा पूरा Global Order

पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव पर एक चीनी विशेषज्ञ ने अमेरिकी सैन्य रणनीति को 'उल्टे पिरामिड' जैसा बताते हुए उसकी सीमाओं को उजागर किया है, जिसके अनुसार यह संघर्ष मौजूदा वैश्विक व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच एक चीनी एकेडमिक के बयान ने वैश्विक स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है और उनके आकलन को लेकर रणनीतिक हलकों में गंभीर बहस हो रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, जियांग श्वेक्विन नाम के इस एकेडमिक को उनके साहसिक और सटीक माने जाने वाले पूर्वानुमानों के कारण अक्सर “चीन का नोस्ट्राडैमस” कहा जाता है हैं। वह अपने मंच के जरिए अंतरराष्ट्रीय राजनीति और युद्ध से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करते रहे हैं और हालिया बयान में उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित टकराव को लेकर चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि जियांग ने पहले भी कहा था कि ईरान के साथ किसी बड़े युद्ध में अमेरिका को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और अमेरिकी नेतृत्व को अपने रुख में नरमी लानी पड़ सकती है हैं। हाल के घटनाक्रम, जिसमें अमेरिका की ओर से अस्थायी युद्धविराम की सहमति देखने को मिली, के बाद उनके इस आकलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बता दें कि जियांग का मानना है कि भले ही अमेरिका सीधे टकराव से बचने की कोशिश करे, लेकिन हालात ऐसे बन सकते हैं कि उसे अंततः जमीनी स्तर पर सैन्य हस्तक्षेप करना पड़े हैं। उनके अनुसार केवल हवाई हमलों के जरिए लंबे समय तक किसी संघर्ष को नियंत्रित करना संभव नहीं होता और इससे अमेरिका धीरे-धीरे गहरे संघर्ष में फंस सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद रणनीतिक लचीलापन दिखा रहा है और संघर्ष की दिशा को अपने हिसाब से प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है हैं। उनका मानना है कि किसी भी युद्ध में केवल सैन्य ताकत नहीं, बल्कि रणनीति में बदलाव की क्षमता ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
गौरतलब है कि जियांग ने अमेरिकी सैन्य रणनीति की आलोचना करते हुए इसे “उल्टे पिरामिड” जैसा बताया, जहां हवाई ताकत को ज्यादा महत्व दिया जाता है और जमीनी सैनिकों की भूमिका सीमित रखी जाती है हैं। उनके अनुसार यह तरीका लंबे और जटिल युद्धों में प्रभावी साबित नहीं होता है।
बता दें कि वर्ष 2024 के एक व्याख्यान में उन्होंने तीन बड़े पूर्वानुमान भी किए थे, जिनमें अमेरिकी चुनाव, ईरान के साथ संभावित युद्ध और उसके वैश्विक असर की बात शामिल थी हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसा कोई संघर्ष विश्व व्यवस्था को लंबे समय के लिए बदल सकता है।
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