श्रीलंका में ईस्टर धमाकों की जांच कर रही कमेटी ने राष्ट्रपति सिरिसेना को सौंपी रिपोर्ट

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 10, 2019   17:49
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श्रीलंका में ईस्टर धमाकों की जांच कर रही कमेटी ने राष्ट्रपति सिरिसेना को सौंपी रिपोर्ट

कमेटी के अन्य सदस्यों में मंत्रालय के पूर्व सचिव पद्मश्री जयमाने और पूर्व पुलिस प्रमुख एन के इलानगाकून भी मौजूद थे। रिपोर्ट के ब्यौरे के बारे में फिलहाल कुछ पता नहीं चल पाया है।

कोलंबो। श्रीलंका में ईस्टर पर हुए विस्फोटों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने सोमवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना को सौंप दी। धमाकों में 11 भारतीयों सहित 258 लोगों की मौत हो गयी थी। कमेटी का नेतृत्व करने वाले उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विजित मलालगोडा ने राष्ट्रपति सिरिसेना को रिपोर्ट सौंप दी। कमेटी के अन्य सदस्यों में मंत्रालय के पूर्व सचिव पद्मश्री जयमाने और पूर्व पुलिस प्रमुख एन के इलानगाकून भी मौजूद थे। रिपोर्ट के ब्यौरे के बारे में फिलहाल कुछ पता नहीं चल पाया है। 

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राष्ट्रपति सिरिसेना ने धमाकों की जांच और अन्य कारणों सहित इसके मूल कारणों का पता लगाने के लिए 22 अप्रैल को कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने जांच के बारे में अंतरिम रिपोर्ट पूर्व में भी राष्ट्रपति को सुपुर्द की थी। इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन सरकार ने धमाके के लिए इस्लामी अतिवादी गुट नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) पर दोष मढ़ा था। 





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जो बाइडेन के शपथ समारोह में हो सकता है हमला, FBI रख रही पैनी नजर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:27
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जो बाइडेन के शपथ समारोह में हो सकता है हमला, FBI रख रही पैनी नजर

वाशिंगटन में किसी भीतरी शख्स के हमले की आशंका के बीच एफबीआई जवानों की कड़ी जांच कर रही है।हमले के खतरे के बीच हजारों पुलिस कर्मियों और सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों के साथ-साथ ‘नेशनल गार्ड’ के 25,000 से अधिक जवानों को यहां तैनात किया गया है।

वाशिंगटन।अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि उन्हें ऐसी आशंका है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के शपथ समारोह की सुरक्षा में तैनात कोई जवान या कोई भीतरी शख्स हमला कर सकता है, जिसके बाद एफबीआई ने वाशिंगटन आ रहे सभी जवानों पर नजर रखनी भी शुरू कर दी है। हमले के खतरे के बीच हजारों पुलिस कर्मियों और सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों के साथ-साथ ‘नेशनल गार्ड’ के 25,000 से अधिक जवानों को यहां तैनात किया गया है।

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निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के अमेरिकी संसद भवन पर छह जनवरी को हुए हिंसक हमले के बाद से ही सुरक्षा कड़ी की गई है। लेकिन अब शहर की सुरक्षा में तैनात कुछ जवानों के नवनिवार्चित राष्ट्रपति तथा नवनिवार्चित उपराष्ट्रपति के लिए खतरा उत्पन्न करने का डर सताने लगा है। सैन्य मामलों के मंत्री रेयान मैककार्थी ने ‘एपी’ को रविवार को बताया कि अधिकारी संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं और सभी कमांडर को शपथ समारोह से पहले उनकी रैंक में किसी भी तरह की समस्या पर गौर करने को कहा है। हालांकि उनका कहना है कि अभी तक किसी तरह के खतरे के कोई संकेत नहीं मिले हैं। मैककार्थी ने कहा कि वह लगातार इस प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और अभियान में तैनात सभी लोगों पर नजर रखी जा रही है।

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कई अधिकारियों ने बताया कि डीसी में ‘नेशनल गार्ड’ की तैनाती का काम एक सप्ताह से कुछ पहले शुरू किया गया था और यह बुधवार तक पूरा हो जाएगा। मैककार्थी ने कहा, ‘‘ हमें सतर्क रहने की जरूरत है और अभियान से जुड़े सभी पुरुषों और महिलाओं पर पूरी नजर रखने के लिए हमें सभी तंत्रों का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।’’ इससे पहले, एफबीआई ने अपने आंतरिक बुलेटिन में शपथ समारोह से पहले वाशिंगटन डीसी तथा सभी 50 राज्यों के संसद भवनों में हथियारबंद प्रदर्शन की आशंका भी जताई थी। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन 20 जनवरी को कार्यभार संभालेंगे।





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भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने के बाद ट्विटर ने रिपब्लिकन सांसद के अकाउंट किए बैन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:02
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भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने के बाद ट्विटर ने रिपब्लिकन सांसद के अकाउंट किए बैन

ट्विटर ने अमेरिका में रिपब्लिकन सांसद के अकाउंट पर रोक लगा दी है। सोशल मीडिया पर उन्होंने कई भड़काऊ वीडियो और कमेंट पोस्ट किए हैं। ग्रीन ने रविवार को एक स्थानीय समाचार को दिए साक्षात्कार का वीडियो पोस्ट किया था।

वाशिंगटन। ट्विटर ने रविवार को रिपब्लिकन सांसद मारजोरी टेलर ग्रीन के अकाउंट पर अस्थायी रोक लगा दी। सांसद के पोस्ट से कथित तौर पर नस्ली विचार और क्यूनन साजिश सिद्धांत के ऑनलाइन समर्थन की झलक मिल रही थी। ग्रीन ने एक बयान में कहा कि उनके अकाउंट को ‘‘बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए’’ बंद कर दिया गया। उन्होंने रूढ़िवादी विचारों पर ट्विटर की ‘‘चुप्पी’’ को लेकर भी निंदा की। पेशे से कारोबारी ग्रीन राजनीति में नई हैं। नवंबर में वह जॉर्जिया 14वें डिस्ट्रिक्ट की प्रतिनिधि चुनी गयी थीं।

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सोशल मीडिया पर उन्होंने कई भड़काऊ वीडियो और कमेंट पोस्ट किए हैं। ग्रीन ने रविवार को एक स्थानीय समाचार को दिए साक्षात्कार का वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में वह जॉर्जिया के चुनाव अधिकारियों की निंदा करती दिख रही हैं और राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी के दावों का समर्थन कर रही हैं। ट्विटर ने ग्रीन और अन्य लोगों के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए संदेश लिखा कि चुनाव में धोखाधड़ी का दावा ‘‘विवाद पैदा करने वाला है और इससे हिंसा की आशंका’’ है। ग्रीन की टीम ने रविवार को ट्विटर के संदेश का स्क्रीनशॉट जारी कर बताया कि कंपनी ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में उनके अकाउंट पर 12 घंटे के लिए रोक लगा दी है।





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इंडोनेशिया भूकंप से मची तबाही,अब तक 81 की मौत; 800 के करीब लोग घायल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   11:58
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इंडोनेशिया भूकंप से मची तबाही,अब तक 81 की मौत; 800 के करीब लोग घायल

इंडोनेशिया भूकंप में मृतक संख्या बढ़कर 81 हो गई है।इससे पहले 2018 में पालू शहर में 7.5 तीव्रता का भूकंप और उसके बाद सुनामी आई थी। तब चार हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

ममूजू (इंडोनेशिया)। इंडोनेशिया में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप के बाद घरों और इमारतों के मलबे में दबे लोगों की तलाश का काम सोमवार को बचावकर्मियों ने तेज कर दिया। भूकंप से कम से कम81 लोगों की मौत हुईं है। राष्ट्रीय आपदा मोचन एजेंसी के प्रवक्ता रादित्य जति ने कहा कि भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित ममूजू शहर और सुलावेसी द्वीप पर माजेने में सबसे अधिक बचावकर्मी और स्वयंसेवक तैनात हैं। उन्होंने बताया कि ममूजू में 70 और माजेने में 11 लोगों की मौत हुई है। वहीं करीब 27,850 लोगों का आश्रय स्थलों में रखा गया है।

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800 के करीब लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से करीब आधे लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ट्रकों के जरिए इलाकों में पानी, खाद्य सामग्री और चिकित्सीय सामग्री पहुंचाई जा रही है। बिजली आपूर्ति तथा फोन संचार सुविधाएं भी धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं। जति ने बताया कि माजेने में करीब 1150 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और ममूजू में क्षतिग्रस्त हुए घरों का आंकड़ों एकत्रित किया जा रहा है। इससे पहले 2018 में पालू शहर में 7.5 तीव्रता का भूकंप और उसके बाद सुनामी आई थी। तब चार हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।





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