Nepal Communal Violence | भारत सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा, अनिश्चितकालीन धारा-144 व कड़े प्रतिबंध लागू

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ANI
रेनू तिवारी । Jul 27 2026 11:33AM

अधिकारियों के मुताबिक, विवाद लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर शुरू हुआ था। यह असहमति जल्द ही हिंसा में बदल गई, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों को दखल देना पड़ा।

भारत के बिहार राज्य की सीमा से लगे नेपाल के सुनसरी ज़िले में रविवार रात दो धार्मिक समुदायों के बीच भीषण सांप्रदायिक झड़प हो गई। हिंसा को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई में एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में अनिश्चितकालीन प्रतिबंधात्मक आदेश (Curfew/Section 144) लागू कर दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, विवाद लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर शुरू हुआ था। यह असहमति जल्द ही हिंसा में बदल गई, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों को दखल देना पड़ा।

सुरक्षा बलों के दखल के दौरान एक व्यक्ति की मौत

पुलिस ने बताया कि हिंसा रविवार रात सुनसरी ज़िले की देवांगंज ग्रामीण नगरपालिका के कैप्टनगंज इलाके में हुई। दो धार्मिक समूह अलग-अलग कार्यक्रम कर रहे थे, तभी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे दिखाने को लेकर तनाव बढ़ गया। ज़ुबानी बहस जल्द ही हिंसा में बदल गई, जिससे सुरक्षाकर्मियों को दखल देना पड़ा। हालात को काबू में करने की कोशिश के दौरान सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 24 साल के ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। खबरों के मुताबिक, झड़प में सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से ज़्यादा लोग घायल हुए।

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प्रभावित इलाकों में अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लागू

मौजूदा हालात को देखते हुए, सुनसरी ज़िला प्रशासन कार्यालय ने सोमवार सुबह 7 बजे से ज़िले के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिए। इन प्रतिबंधों में कोशी प्रांत के पांच बाज़ार इलाके शामिल हैं और ये अगले आदेश तक लागू रहेंगे। प्रतिबंधात्मक उपायों के तहत, हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में चार से ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने, प्रदर्शन करने, जनसभाएं करने और धरने पर बैठने पर रोक लगा दी गई है।

नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और जेल की सज़ा

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा कानून के तहत प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर 500 नेपाली रुपये का जुर्माना, एक महीने तक की जेल या दोनों सज़ाएं हो सकती हैं। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और अधिकारी शांति बहाल करने के लिए हालात पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।

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सुनसरी रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है

गौरतलब है कि सुनसरी ज़िला दक्षिण-पूर्वी नेपाल में स्थित है और इसकी सीमा भारत के बिहार राज्य से लगती है। यह इलाका भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण ट्रांज़िट और कमर्शियल कॉरिडोर (आवागमन और व्यापार का रास्ता) के तौर पर काम करता है, इसलिए सीमा-पार आवाजाही और व्यापार के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। अधिकारियों ने निवासियों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है, क्योंकि स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं।

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