Donald Trump ने रूस और ईरान पर नए Sanctions कानून पर किए हस्ताक्षर

Donald Trump ने रूस और ईरान पर नए Sanctions कानून पर किए हस्ताक्षर
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस और ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके तहत रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले भारत और चीन जैसे बड़े देशों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाने का अधिकार शामिल है। यह कानून 30 दिनों के भीतर प्रभावी होगा।

(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 19 सितंबर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिनियम पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया है। इस कानून में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और उससे बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वाले चीन एवं भारत जैसे देशों पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को प्रतिनिधि सभा के विधेयक एच.आर. 5334 ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026’ पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया।

यह रूस पर वैधानिक प्रतिबंधों, शुल्क एवं अन्य पाबंदियों को लागू करने एवं उनका दायरा बढ़ाने और ईरान पर लागू मौजूदा प्रतिबंधों की अवधि बढाने का अधिकार देता है।’’ अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने इस अधिनियम को बुधवार को पारित किया था। इसमें रूस के नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ मॉस्को के रक्षा उद्योग में सहयोग करने वालों तथा उसके तथाकथित ‘शेडो फ्लीट’ (प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जहाजों के नेटवर्क) पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। यह अधिनियम राष्ट्रपति ट्रंप को रूस से तेल एवं गैस खरीदने वाले चीन तथा भारत समेत अन्य देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार भी देता है।

कानून को लागू करने के संबंध में ट्रंप को व्यापक विवेकाधिकार दिया गया है। इसमें यह तय करना भी शामिल है कि किन देशों पर शुल्क लगाया जाए, शुल्क की दर क्या हो और प्रतिबंधों से संबंधित प्रावधानों में छूट दी जाए या नहीं। यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिन के भीतर लागू होगा।

इसके तहत राष्ट्रपति को उन देशों से आयातित वस्तुओं पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाना होगा, जो कानून लागू होने से पहले के 12 महीनों के दौरान कुल मात्रा के हिसाब से रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदार रहे हों। किसी देश को गैस से संबंधित शुल्क से छूट मिल सकती है, बशर्ते संबंधित अवधि में उसने रूस से जितनी गैस खरीदी हो, वह रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम हो और उस देश ने रूसी गैस का आयात घटाने के लिए ‘‘महत्वपूर्ण कदम’’ उठाए हों।

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