ड्रग्स बहाना, असली मकसद तेल का खजाना, नहीं झुका वेनेजुएला तो अमेरिका ने किया खेला

अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला पर हमले की खबर सामने आ गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यह हमला क्यों किया गया है और अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव क्यों है?
2025 वैश्विक मंच पर ट्रंप की एकतरफा नीतियों का चरम था। दुनिया ट्रंप को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले रही थी, लेकिन वह स्टेट्समैन कम और रीयल एस्टेट सेल्समैन ज्यादा हैं। उन्होंने धमकी तो बेहद ऊंचे टैरिफ की दी, मगर सौदेबाजी करते हुए इसे कम करते गए। जैसे-जैसे राष्ट्रपति अपनी शक्ति पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों से निराश होते जाएंगे, वे ऐसे क्षेत्रों में हिंसक कार्रवाई कर सकते हैं जिससे उनकी अपेक्षा से कहीं अधिक अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है—उदाहरण के लिए, निकोलस मादुरो के वेनेजुएला के खिलाफ। ट्रंप रूस, यूक्रेन, भारत, बांग्लादेश, यूरोप, खाड़ी देशों सभी को ब्लैकमेल कर रहे हैं। किसी को टेरिफ की धमकी दे रहे हैं तो किसी को हथियारों की। वेनेजुएला पर अमेरिका ने हथियारों का इस्तेमाल किया है। अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडारों को लूटने के लिए वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाना चाहता है। अमेरिका ने वेनेजुएला के ऑयल एक्सपोर्ट्स पर भी सेंशंस लगा दिए। अब अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला पर हमले की खबर सामने आ गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यह हमला क्यों किया गया है और अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव क्यों है?
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ट्रंप वेनेजुएला पर इतना ध्यान क्यों दे रहे हैं?
ट्रंप, वेनेजुएला के लाखों प्रवासियों के अमेरिका पहुंचने के लिए मादुरो को दोषी ठहराते हैं। अनुमान है कि 2013 से अब तक लगभग आठ मिलियन वेनेजुएलावासी देश के आर्थिक संकट और दमन से भागकर अमेरिका आ चुके हैं। बिना कोई सबूत दिए, ट्रंप ने मादुरो पर आरोप लगाया है कि उन्होंने "अपनी जेलों और पागलखानों को खाली कर दिया है" और कैदियों को अमेरिका में प्रवास करने के लिए "मजबूर" किया है। ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स विशेष रूप से फेंटानिल और कोकीन की तस्करी को रोकने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने वेनेजुएला के दो आपराधिक समूहों - ट्रेन डे अरागुआ और कार्टेल डे लॉस सोल्स को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) घोषित किया है और आरोप लगाया है कि कार्टेल डे लॉस सोल्स का नेतृत्व स्वयं मादुरो कर रहे हैं। विश्लेषकों ने बताया है कि कार्टेल डे लॉस सोल्स कोई पदानुक्रमित समूह नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए किया जाता है जिन्होंने वेनेजुएला के रास्ते कोकीन की आवाजाही की अनुमति दी है। मादुरो ने कार्टेल नेता होने से साफ इनकार किया है और अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह अपने "नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध" का बहाना बनाकर उन्हें सत्ता से हटाने और वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।
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अमेरिका ने किन-किन ठिकानों पर की एयर स्ट्राइक?
फोर्ट ट्यूना - काराकस का मेन मिलिट्री बेस
ला कार्लोटा - काराकस का मेन एयरबेस
एल वोल्कान - मेन रडार स्टेशन
ला गुएरा पोर्ट - वेनेजुएला का प्रमुख बंदरगाह
इगुएरोटे एयरपोर्ट - मिरांडा राज्य का हवाई अड्डा
वेनेजुएला कितना तेल निर्यात करता है और इसे कौन खरीदता है?
तेल मादुरो सरकार की विदेशी आय का मुख्य स्रोत है, और इस क्षेत्र से होने वाला मुनाफा सरकार के बजट के आधे से अधिक हिस्से को वित्तपोषित करता है। वर्तमान में यह लगभग 900,000 बैरल प्रतिदिन निर्यात करता है। चीन इसका सबसे बड़ा खरीदार है। हालांकि, अमेरिका के एक आकलन के अनुसार वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा सिद्ध कच्चा तेल भंडार है, लेकिन उनका कहना है कि वह इसका अपेक्षाकृत कम उपयोग करता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआईए) के अनुसार, तकनीकी और बजटीय चुनौतियों के कारण वेनेजुएला ने 2023 में वैश्विक कच्चे तेल का केवल 0.8% उत्पादन किया। वेनेजुएला के तट से एक टैंकर को जब्त करने की घोषणा के बाद, ट्रंप ने पत्रकारों से कहा: "मुझे लगता है कि हम तेल अपने पास रखेंगे।
होगी रूस की भी एंट्री?
रूस वेनेजुएला के लिए अमेरिका के खिलाफ खुलकर पहले भी बयान दे चुका है। इसी बीच भारत और वेनेजुएला को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो रही हैं। दरअसल कुछ दिन पहले ही वेनेजुएला अचानक भारत की शरण में पहुंचा था। वेनेजुएला की एक टीम भारत पहुंची और भारत को वो चीज देने का ऐलान कर दिया जो अमेरिका वेनेजुएला से लूटना चाहता है। वेनेजुएला ने भारत से कहा कि आप हमारे तेल के साथ-साथ हमारे देश में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स को भी निकालिए।
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