ईरान के 90 ठिकानों पर पहले बरसाए ताबड़तोड़ बम, फिर कहा- अब हो गया! ये है ट्रंप का वॉर ऑफ स्टाइल

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अभिनय आकाश । Jul 9 2026 1:39PM

ईरानी समाचार एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक चाबहार के करीब भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है। चाबहार के कई हिस्सों में बिजली भी ठप हो गई है। ईरान के अकाला में अमेरिका ने रेलवे ब्रिज भी उड़ा दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान पर सैन्य हमले शुरू कर दिए गए हैं। 9 जुलाई की सुबह अमेरिकी सेना ने यह जानकारी दी। एक तरफ ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामनेई की अंतिम यात्रा की तैयारियां चल रही हैं और दूसरी तरफ अमेरिका ने हमले फिर से तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास और सिरीक समेत कई इलाकों में अलग-अलग इलाकों में जोरदार हमले किए हैं। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक चाबहार के करीब भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है। चाबहार के कई हिस्सों में बिजली भी ठप हो गई है। ईरान के अकाला में अमेरिका ने रेलवे ब्रिज भी उड़ा दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड सेंट कॉम ने एक्स पर लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है जिससे वो स्टेट ऑफ हॉर्मोस में जहाजों की आवाजाही को खतरा पहुंचा सकता है। 

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अमेरिका कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों पर किए गए बेवजह के हमलों के लिए ईरान को जवाबदेह ठहरा रहा है। हमलों के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा एक वीडियो को शेयर करते हुए जो माना जा रहा है कि ईरान पर हुए हमले का वीडियो है। उसे शेयर करते हुए ट्रंप ने लिखा ईरान ने जहाजों पर जो हमला किया था यह उसका बदला है। अगर ऐसा दोबारा हुआ तो हालात और भी खराब हो जाएंगे। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने ईरान के करीब 90 ठिकानों को निशाना बनाया। सेंट कॉम ने एक्स पर लिखा हमने 90 सैनिक ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, नौसैनिक ठिकाने और तट के किनारे मौजूद सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचा शामिल था। इससे पहले 7 जुलाई को भी सेंट कॉम ने ईरान के करीब 80 सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इनमें ईरानी सेना की 60 से ज्यादा छोटी नौकाएं भी शामिल थी। 

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यह कार्यवाही इसलिए की गई क्योंकि ईरान ने सीज फायर का उल्लंघन किया और हॉर्मोन से गुजर रहे तीन जहाजों पर हमला किया था। हमारी सेना पूरी तरह सतर्क है। राष्ट्रपति के आदेश पर किसी भी अभियान को अंजाम देने में सक्षम है। ट्रंप और सेंट्रल कमांड के बयान के बाद ईरान का जवाब भी सामने आया। ईरान के सुप्रीम लीडर मुस्तबा खामिनई के करीबी सलाहकार मोहसिन रिजाई ने अमेरिका को धमकी दी। ईरानी मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि ईरान जल्द ही बहुत बड़ा हमला करने वाला है। 7 जुलाई को हुए अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के जो बेस है उनको निशाना बनाना शुरू कर दिया था। ईरान ने कुवैत और बहरीन में कई बैलेस्टिक मिसाइल्स, दागी और ड्रोन हमले किए। कुवैत ने बताया कि ईरान ने 13 ड्रोन हमले किए थे। 

अमेरिकी सेना ने गुरुवार को कहा कि ईरान को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों का ताज़ा दौर लगभग 90 ठिकानों पर हमले के बाद खत्म हो गया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने यह बयान जारी किया। उन्होंने ब्लैक-एंड-व्हाइट फुटेज जारी किए, जिनमें एयरपोर्ट के रनवे और मिसाइल लॉन्चरों पर हमले होते हुए दिखाई दे रहे थे। सेना ने कहा कि अमेरिकी सेना सतर्क और घातक बनी हुई है और कमांडर-इन-चीफ़ के आदेश पर ऑपरेशन करने के लिए तैयार है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले दो दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है। मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हताहतों की संख्या की जानकारी दी। हमलों के बाद ईरानी सरकार की ओर से जारी यह हताहतों की कुल संख्या का पहला आंकड़ा था।

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