Iran के Drone Attack पर France का एक्शन, Macron के दौरे से पहले Cyprus पहुंचे Warship

ईरान द्वारा साइप्रस पर ड्रोन हमले के बाद, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पूर्वी मेडिटेरेनियन में सुरक्षा मजबूत करने के लिए साइप्रस का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य यूरोपीय संघ के साथ एकजुटता दिखाना है, जिसके लिए फ्रांस ने चार्ल्स डी गॉल एयरक्राफ्ट कैरियर सहित युद्धपोत तैनात किए हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को साइप्रस की यात्रा करेंगे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय एलिसी पैलेस के अनुसार, मैक्रों साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स और ग्रीक प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ के सदस्य देश साइप्रस के साथ एकजुटता दिखाना और पूर्वी मेडिटेरेनियन क्षेत्र में सुरक्षा को और मजबूत करना है।
ईरानी ड्रोन हमलों के बाद सैन्य तैनाती
पिछले सोमवार को साइप्रस पर ईरान निर्मित ड्रोनों और मिसाइलों से हमले हुए थे, जिसके बाद फ्रांस ने तुरंत अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। राष्ट्रपति मैक्रों ने मेडिटेरेनियन क्षेत्र में अपने सबसे विशाल 'चार्ल्स डी गॉल' एयरक्राफ्ट कैरियर को भेजने का आदेश दिया है। इसके साथ ही साइप्रस की सुरक्षा के लिए एक युद्धपोत और एयर डिफेंस यूनिट भी तैनात की गई है।
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रणनीतिक साझेदारी
फ्रांस और साइप्रस के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी है। एलिसी पैलेस ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा के दौरान मैक्रों समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही की आजादी सुनिश्चित करने पर जोर देंगे। इसमें विशेष रूप से 'लाल सागर' और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा शामिल है, जिसके लिए यूरोपीय संघ का 'एस्पाइड्स मैरीटाइम ऑपरेशन' पहले से ही काम कर रहा है।
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यूरोपीय संघ की सुरक्षा पर जोर
साइप्रस पर हुए हमलों को फ्रांस ने पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा माना है। मैक्रों का यह दौरा इस बात का संकेत है कि फ्रांस अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए सैन्य कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। इस बैठक में तीनों नेता आने वाले समय में सुरक्षा के कड़े इंतजामों और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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