IAAC Literature Festival New York में 14 नवंबर से, प्रतिभा राय और अरविंद सुब्रमण्यन होंगे शामिल

IAAC Literature Festival New York में 14 नवंबर से, प्रतिभा राय और अरविंद सुब्रमण्यन होंगे शामिल
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इंडो-अमेरिकन आर्ट्स काउंसिल का दो दिवसीय साहित्य महोत्सव 14 और 15 नवंबर को न्यूयॉर्क में आयोजित होगा। इस आयोजन में भारत के आर्थिक उभार, जलवायु संकट और अमेरिकी नेतृत्व जैसे वैश्विक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें पद्म भूषण विजेता प्रतिभा राय और अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यन जैसी प्रमुख हस्तियां शिरकत करेंगी।

(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, छह नवंबर न्यूयॉर्क में ‘इंडो-अमेरिकन आर्ट्स काउंसिल’ (आईएएसी) के साहित्य महोत्सव 2026 में कई प्रतिष्ठित लेखक, विचारक और कारोबारी दिग्गज हिस्सा लेंगे और इस दौरान होने वाली चर्चाओं में वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में भारत का उभरना, अमेरिकी नेतृत्व, जलवायु परिवर्तन, जल संकट और पलायन जैसे विषय प्रमुख होंगे। इस महोत्सव में पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. प्रतिभा राय, बार्कलेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सीएस वेंकटकृष्णन और अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यन सहित कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। यह महोत्सव 14 और 15 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।

इसमें कई संवाद और परिचर्चाएं होंगी, जिनमें इस बात पर विचार किया जाएगा कि साहित्य किस तरह पहचान, आर्थिक शक्ति, पलायन और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों को समझने में मदद करता है। ‘इंडो-अमेरिकन आर्ट्स काउंसिल’ के उपाध्यक्ष राकेश कौल ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा, साहित्य कभी भी सीमाओं के दायरे में बंधा नहीं रहा है। हमारे समय के बड़े सवाल- पहचान, आर्थिक शक्ति, जलवायु, पलायन और मानवीय परिस्थितियां- महाद्वीपों की सीमाओं से परे साझा हैं।

उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि भारतीय और अमेरिकी आवाजें केवल एक मंच पर ही नहीं, बल्कि एक ही संवाद में एक-दूसरे से जुड़ें। यही वह जगह है, जहां साहित्य संस्कृतियों और विचारों के बीच सेतु बनता है। इस वर्ष के महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण ओडिशा साहित्य महोत्सव होगा।

तीन घंटे के इस विशेष आयोजन में पूर्वी भारत के इस राज्य के साहित्य, भाषा और खानपान की विरासत का जश्न मनाया जाएगा। इसका नेतृत्व ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता प्रतिभा राय करेंगी। उन्हें हाल ही में साहित्य अकादमी फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया है।

माय लाइफ, माय टाइम: ए लिटरेरी जर्नी शीर्षक से आयोजित सत्र में भारतीय साहित्य की उस अग्रणी लेखिका के योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा, जिन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक लैंगिक भेदभाव, जाति, पहचान और सामाजिक न्याय से जुड़ी मान्यताओं को चुनौती दी है। आईएएसी के बयान में कहा गया है कि उनका चर्चित उपन्यास याज्ञसेनी महाभारत की कथा को उसकी प्रमुख स्त्री पात्र द्रौपदी के दृष्टिकोण से नए सिरे से प्रस्तुत करता है। महोत्सव के दौरान अमेरिकी नेतृत्व, वैश्विक वित्त और भारत के आर्थिक भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भी प्रमुखता से चर्चा होगी।

महोत्सव की निदेशक प्रीति उर्स ने कहा कि दो दिवसीय इस आयोजन को इस तरह तैयार किया गया है कि दर्शकों को ऐसे विषयों और लोगों के बीच अप्रत्याशित जुड़ाव देखने को मिले, जिनके बीच आमतौर पर संबंध नहीं जोड़ा जाता। इनमें किसी उपन्यासकार और कारोबारी दिग्गज के बीच संवाद, किसी प्राचीन महाकाव्य और आधुनिक महिला की आवाज के बीच संबंध तथा जल संकट और कल्पनाशक्ति की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं। ‘इंडो-अमेरिकन आर्ट्स काउंसिल’ न्यूयॉर्क शहर में स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो न्यूयॉर्क के दर्शकों के बीच भारत और भारतीय प्रवासी समुदाय की कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देती है।

इसके प्रमुख आयोजनों में न्यूयॉर्क भारतीय फिल्म महोत्सव, इरेजिंग बॉर्डर्स डांस फेस्टिवल और आईएएसी साहित्य महोत्सव शामिल हैं।

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