Strait of Hormuz पर ईरान की घेराबंदी, US-UK समेत 22 देशों ने जारी किया कड़ा संयुक्त बयान

Strait of Hormuz
ANI
अभिनय आकाश । Mar 21 2026 7:56PM

ब्रिटेन ने अमेरिकी सेना को ईरानी मिसाइल खतरों से संबंधित अभियानों के लिए अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा करना है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्धविराम में दिलचस्पी नहीं रखता और सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। ब्रिटेन ने अमेरिकी सेना को ईरान से संबंधित हमलों के लिए अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। इस बीच, ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई ने पड़ोसी देशों में हमलों के लिए इजरायल पर आरोप लगाया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। मध्य पूर्व में संघर्ष प्रमुख देशों के कड़े बयानों और नए घटनाक्रमों के साथ और तीव्र होता जा रहा है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए तैयार नहीं है, जबकि ईरान ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संघर्ष के इस चरण में अमेरिका युद्धविराम की तलाश में नहीं है। व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले बोलते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैन्य अभियान अभी भी मुख्य केंद्र बिंदु हैं। ट्रंप ने कहा कि हालांकि बातचीत संभव है, लेकिन फिलहाल लड़ाई रोकना प्राथमिकता नहीं है।

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ब्रिटेन ने अमेरिकी सेना को ईरानी मिसाइल खतरों से संबंधित अभियानों के लिए अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा करना है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है। हालांकि, ट्रंप ने ब्रिटेन के इस फैसले के समय पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम पहले उठाया जाना चाहिए था। इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने ओमान और तुर्की में हमले करने के लिए इजरायल पर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच गलतफहमी और तनाव पैदा करना था। उनके अनुसार, ये कदम क्षेत्र को विभाजित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर संयुक्त बयान

संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर एक संयुक्त बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है, हम खाड़ी में निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों, तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को वस्तुतः बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। बयान में आगे कहा गया है हम बढ़ते संघर्ष पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। हम ईरान से आग्रह करते हैं कि वह अपनी धमकियों, बारूदी सुरंग बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने के अन्य प्रयासों को तुरंत बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करे।

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