अमेरिका ने अगर पावर नेटवर्क पर किया अटैक तो...ईरान ने Houthis को दे दिया ऐसा निर्देश, इस तुरुप के इक्के से घबरा जाएंगे सारे देश

IRGC ने कहा कि यह मिसाइल हमला उन अमेरिकी हमलों का जवाब था, जिनकी वजह से अहवाज़ के एक अस्पताल से कैंसर से पीड़ित 121 बच्चों को निकालना पड़ा था। उसने मार्च में हुए अमेरिकी हमलों का भी ज़िक्र किया, जिनमें मिनाब के एक स्कूल में 168 बच्चे मारे गए थे। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी एयरबेस 'शेख ईसा' पर भी हमला किया और दावा किया कि उसने हवाई निगरानी रडार और फाइटर जेट के लिए फ्यूल पंपिंग स्टेशन को नष्ट कर दिया।
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अहवाज़ के शहीद बघाई अस्पताल में बच्चों के वार्ड पर अमेरिकी हमले के बाद वहां से लगभग 211 मरीज़ों को निकाला गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस 'अज़राक' पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। IRGC ने कहा कि यह मिसाइल हमला उन अमेरिकी हमलों का जवाब था, जिनकी वजह से अहवाज़ के एक अस्पताल से कैंसर से पीड़ित 121 बच्चों को निकालना पड़ा था। उसने मार्च में हुए अमेरिकी हमलों का भी ज़िक्र किया, जिनमें मिनाब के एक स्कूल में 168 बच्चे मारे गए थे। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी एयरबेस 'शेख ईसा' पर भी हमला किया और दावा किया कि उसने हवाई निगरानी रडार और फाइटर जेट के लिए फ्यूल पंपिंग स्टेशन को नष्ट कर दिया।
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अमेरिका-ईरान हमले
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी लागू करते हुए तेहरान, सेमनन, ग्रेटर टुनब द्वीप और अन्य सैन्य ठिकानों के आसपास हमले किए। अमेरिकी सेना ने एक तेल टैंकर को भी बेकार कर दिया, जिसके बारे में उनका कहना था कि वह खार्ग द्वीप के पास नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और इलाके की अन्य जगहों पर अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
अमेरिका और ईरान के बीच नए हमले
ईरान के कई हिस्सों से नए धमाकों की खबरें आने के बाद तेहरान और पास के शहर पाकदाश्त में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिए गए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत में अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे अली अल सलेम एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इससे पहले, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक तेल टैंकर को रोका और उसे बेकार कर दिया, जो एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाने की कोशिश कर रहा था। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने टैंकर को रोकने के लिए हेलफायर मिसाइलों का इस्तेमाल किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के अहम सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए। इस ऑपरेशन में कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं और तटीय निगरानी सुविधाओं (बंदर अब्बास सहित) को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने दिन में पहले ग्रेटर टुनब द्वीप पर तटीय सुरक्षा और क्रूज मिसाइल साइटों के खिलाफ 90 मिनट का ऑपरेशन चलाया। ईरानी मीडिया ने हमलों के बाद केशम द्वीप, बंदर अब्बास और चाबहार में धमाकों की खबर दी। नुकसान कितना हुआ, यह तुरंत साफ नहीं हो पाया।
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ईरान ने खाड़ी इलाके में जवाबी कार्रवाई की
ईरान ने खाड़ी के कई इलाकों की तरफ़ मिसाइलें और ड्रोन दागकर जवाब दिया। बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजे, जबकि कुवैत ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को रोक दिया।
लाल सागर होगा बंद?
ईरान की इस नई चेतावनी के बाद डर पैदा हो गया है कि दुनिया के दो सबसे अहम समुद्री चोकपॉइंट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर एक साथ बाधित हो सकते हैं, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और व्यापार पर खतरा मंडरा सकता है। ईरान ने एक और बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यह जंग अब सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लाल सागर तक फैल सकती है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो यमन में ईरान के सहयोगी हूती दुनिया के एक और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट को निशाना बना सकते हैं।
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