ईरान युद्ध 2.0...खौफनाक प्लान, US का बचना मुश्किल

तीनों न्यूक्लियर पावर्ड है, एडवांस्ड है। लेकिन इस बीच एक और खबर निकल के सामने आती है कि जो चीन है, भारत है। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, रूस, तुर्की और पाकिस्तान इन सभी देशों ने अपने नागरिकों को या फिर जो भी लोग अभी ईरान पहुंचे थे उन सभी को अर्जेंट वार्निंग दी है कि जल्द से जल्द आप लोग छोड़ के हट जाइए।
युद्ध किसी भी वक्त छिड़ सकता है। ऐसी खबरें साफ तौर पर अब सामने आने लगी है। ईरान की तरफ लगातार अमेरिका के तीन एयरक्राफ्ट करियर बढ़ रहे हैं। हालांकि एयरक्राफ्ट करियर वही है जो पिछले युद्ध के दौरान यानी करीब 40 दिन की जो जंग अभी चल रही थी उसमें लौट गए थे। इनको काफी हद तक नुकसान ईरान ने पहुंचाया था। लेकिन इस बार जो दो युद्धपोत थे अब्राहम लिंकन इसके साथ-साथ जो दूसरा युद्धपोत था। तीसरा युद्ध को जॉर्ज बुश भी पहुंच चुका है। तीनों न्यूक्लियर पावर्ड है, एडवांस्ड है। लेकिन इस बीच एक और खबर निकल के सामने आती है कि जो चीन है, भारत है। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, रूस, तुर्की और पाकिस्तान इन सभी देशों ने अपने नागरिकों को या फिर जो भी लोग अभी ईरान पहुंचे थे उन सभी को अर्जेंट वार्निंग दी है कि जल्द से जल्द आप लोग छोड़ के हट जाइए।
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कहीं भी मौजूद है वापस लौटिए तुरंत लौटिए तो क्या वो वो दौर फिर से एक बार पास आने लगा है क्योंकि अमेरिका पर ईरान पहले से कह रहा था हमें भरोसा किसी तरीके से नहीं है और इस बीच एक और खबर निकल के सामने आती है कि अब्बास सराकची इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। उन्होंने ट्वीट भी किया इसके बाद मस्कट मॉस्को इन जगहों पे भी जाने वाले हैं। अभी जो 40 दिनों की जंग में जो कुछ हुआ वो अमेरिका के मुताबिक उसकी एक बड़ी हार है एक तरह की और एक तरह से उसे कुछ बढ़त नहीं मिल पाई बल्कि नुकसान हुआ। ऐसे में अमेरिका कुछ बड़ा नुकसान करके जाना चाहता है और यही वजह है कि वो एक कोशिश और कर सकते हैं। अब इसमें दो तरीके हैं। तो अमेरिका इजराइल फिर से हमला कर सकते हैं। बहुत तगड़ा हमला कर सकते हैं इस बार और एडवांस हथियारों के साथ या फिर ईरान इसको भांपते हुए प्रिवेंटिव स्ट्राइक कर सकता है।
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ईरान की तरफ से तो ये सीज फायर हुआ नहीं है। ऐसे में हो सकता है कि ईरान ही पहले हमला कर दे क्योंकि अभी भी इमाम आयतुल्ला अली खाम साहब का बदला पूरा नहीं हुआ है। उनके पास तो इस बात का का तर्क है। इस बात की दलील है हमला करने के पीछे का कारण है क्योंकि उनके सुप्रीम लीडर को मारा है 28 फरवरी को। तो ऐसे में ईरान के पास फिर हमला करने का कारण है तो वही हो सकता है पहले कर दे और उसकी तैयारियां चल रही है।
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