Japan के मध्य हिस्से में 5.7 तीव्रता का Earthquake, Aichi में 20 से ज्यादा घायल

जापान के मध्य हिस्से में रविवार तड़के 5.7 तीव्रता का तेज भूकंप आया, जिससे आइची और शिजुओका प्रांत में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। कई दुकानों के शीशे टूट गए और सामान सड़कों पर फैल गया। प्रशासन ने अगले कुछ दिनों में और तेज झटकों की चेतावनी देकर लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
जापान में रविवार की सुबह आए तेज भूकंप से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मध्य जापान के कई इलाकों में धरती हिलने से दुकानों के शीशे टूट गए और इमारतों में मौजूद लोग घबराकर बाहर निकलने लगे। इस भूकंप में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, रविवार को स्थानीय समयानुसार रात 1:04 बजे पश्चिमी शिजुओका प्रांत में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से करीब 40 किलोमीटर नीचे था। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि आसपास के कई प्रांतों में लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। समाचार एजेंसी क्योदो के अनुसार, आइची और शिजुओका प्रांतों में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
भूकंप का असर केवल इसके केंद्र के आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं रहा। आइची प्रांत के आसपास के बड़े क्षेत्र में झटके महसूस किए गए। इनमें हमामात्सु शहर के अलावा क्योटो और नारा जैसे ऐतिहासिक शहर भी शामिल हैं। इसके साथ ही यामानाशी और गिफू प्रांत में भी धरती हिलने की खबर सामने आई। हालांकि, राजधानी टोक्यो में भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने लोगों को अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों में फिर से तेज झटके आ सकते हैं। लोगों को खासतौर पर भूस्खलन, पहाड़ियों से पत्थर गिरने और बारिश के कारण जमीन खिसकने जैसी घटनाओं से सावधान रहने को कहा गया है।
भूकंप के कारण रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। सुरक्षा जांच के लिए कुछ स्थानीय रेलगाड़ियों का संचालन रोक दिया गया। वहीं, जापान की तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन शिंकानसेन को प्रभावित इलाकों में एहतियात के तौर पर धीमी गति से चलाया गया।
रेल सेवा संचालित करने वाली कंपनी जेआर सेंट्रल ने बताया कि टोक्यो और ओसाका को जोड़ने वाली टोकाइदो शिंकानसेन लाइन पर शिजुओका और गिफू-हाशिमा स्टेशनों के बीच ट्रेनों की आवाजाही में देरी हुई। भूकंप के बाद रेलवे कर्मचारियों ने पटरियों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
गौरतलब है कि जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां भूकंप आने की घटनाएं अक्सर होती हैं। इसकी वजह देश का प्रशांत महासागर के आसपास स्थित भूकंपीय क्षेत्र में होना है। यहां कई भूगर्भीय प्लेटें आपस में मिलती हैं, जिससे जमीन में हलचल होती रहती है। इसी कारण जापान में इमारतों, रेल सेवाओं और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को भूकंप के खतरे को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। फिलहाल प्रशासन लोगों को सतर्क रहने और अगले कुछ दिनों तक मौसम विज्ञान एजेंसी की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दे रहा है।
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