घुसपैठिए मुस्लिम खदेड़े, अब नेपाल से क्यों भगाए जा रहे चीनी लोग!

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अभिनय आकाश । Aug 11 2026 12:36PM

2025 में निकाले गए अपने नागरिकों की संख्या के मामले में भी चीन इस लिस्ट में सबसे ऊपर था। नेपाल ने उस साल कुल 523 विदेशी नागरिकों को देश से निकाला था। जिनमें से 120 चीनी नागरिक थे। 2023 में भी चीनी नागरिकों का डिपोर्टेशन भी बहुत ज्यादा हुआ। इस दौरान 209 चीनी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया जो 2023 में नेपाल से डिपोर्ट किए गए सभी विदेशी नागरिकों का 46% था। तो इस तरह से चीनी नागरिकों को लेकर नेपाल में शिकंजा कसता जा रहा है। यह सब तब हो रहा है जब बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को नेपाल से खदेड़ने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।

जिस वक्त नेपाल में फिर से देश को हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए भारी संख्या में सड़कों पर हिंदू उतरे हुए हैं और इसके लिए सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। ठीक इसी दौरान नेपाल से ऐसी खबर आई है जिसने चीन और अमेरिका में बहुत बड़ी खलबली मचा दी है। जब भी नेपाल में राजनीतिक हलचलें होती हैं तो उसका आरोप कहीं ना कहीं चीन और अमेरिका पर लगता है। हाल ही में जब नेपाल में तख्तापलट हुआ तो इसका भी आरोप चीन और अमेरिका पर ही लगा। लेकिन अब नेपाल ने ही चीन और अमेरिका को बहुत बड़ा झटका दिया है। दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2021 से 2025 के बीच नेपाल से सबसे ज्यादा चीनी नागरिकों को निकाला गया है। 

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नेपाल की सालाना रिपोर्ट में विभाग ने बताया कि नेपाल ने 695 चीनी नागरिकों को निकाला है जो देश से डिपोर्ट किए गए विदेशी नागरिकों का सबसे बड़ा हिस्सा है। नेपाल ने 5 साल में कुल 2267 विदेशी नागरिकों को देश से डिपोर्ट किया है। जिनमें चीनी नागरिकों की हिस्सेदारी 30.65% रही है। नेपाल की इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर अमेरिका के नागरिक रहे हैं। अमेरिका के 191 नागरिकों को डिपोर्ट किया गया है। और तीसरे नंबर पर बांग्लादेश रहा जिसके 145 नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। चौथे पर यूके और पांचवें पर पाकिस्तान के नागरिक रहे जिन्हें रिपोर्ट किया गया। नेपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आंकड़े बताते हैं कि कुछ देशों के नागरिक किस कदर इमीग्रेशन कानून का उल्लंघन करते हैं। 

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दरअसल 2025 में निकाले गए अपने नागरिकों की संख्या के मामले में भी चीन इस लिस्ट में सबसे ऊपर था। नेपाल ने उस साल कुल 523 विदेशी नागरिकों को देश से निकाला था। जिनमें से 120 चीनी नागरिक थे। 2023 में भी चीनी नागरिकों का डिपोर्टेशन भी बहुत ज्यादा हुआ। इस दौरान 209 चीनी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया जो 2023 में नेपाल से डिपोर्ट किए गए सभी विदेशी नागरिकों का 46% था। तो इस तरह से चीनी नागरिकों को लेकर नेपाल में शिकंजा कसता जा रहा है। यह सब तब हो रहा है जब बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को नेपाल से खदेड़ने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।

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दरअसल नेपाल में चीन की बढ़ती सक्रियता और निवेश भारत के लिए कई मोर्चों पर गहरी चिंता का विषय बनता जा रहा था। लेकिन जिस तरह से नेपाल चीनी नागरिकों पर एक्शन ले रहा है उससे उतना तो साफ है कि कहीं ना कहीं चीन और नेपाल के रिश्तों में खटास दिखाई दे रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में नेपाल और क्या कुछ एक्शन लेता है। 

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