Iran के खतरे के बीच 'घोस्ट मोड' में तेल टैंकर! Strait of Hormuz पार करने के लिए अपनाई जा रही नई रणनीति

Hormuz
ANI
रेनू तिवारी । May 11 2026 11:51AM

मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और ईरानी हमलों की आशंका के बीच तेल निर्यात को सुरक्षित रखने के लिए शिपिंग कंपनियां अब 'ट्रैकर बंद' करने की रणनीति अपना रही हैं।

मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और ईरानी हमलों की आशंका के बीच तेल निर्यात को सुरक्षित रखने के लिए शिपिंग कंपनियां अब 'ट्रैकर बंद' करने की रणनीति अपना रही हैं। ताज़ा शिपिंग डेटा के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में कच्चे तेल से लदे दो विशाल टैंकरों (VLCC) ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांसपोंडर बंद किए और सफलतापूर्वक होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार किया। शिपिंग एनालिटिक्स फर्म Kpler के आंकड़ों ने इस उभरते हुए चलन की पुष्टि की है, जिसे समुद्री सुरक्षा की भाषा में 'डार्क सेल' या 'घोस्ट शिपिंग' कहा जाता है।

जारी डेटा के अनुसार

सोमवार को जारी डेटा के अनुसार, बहुत बड़े कच्चे तेल के वाहक (VLCC) 'बसरा एनर्जी' ने 1 मई को अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के ज़िरकू टर्मिनल से 2 मिलियन बैरल 'अपर ज़ाकुम' कच्चा तेल लादा और 6 मई को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से बाहर निकल गया। डेटा के मुताबिक, पनामा का झंडा लगे इस जहाज़ ने 8 मई को फ़ुजैरा ऑयल टैंकर टर्मिनलों पर अपना माल उतारा।

यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि शिपिंग कंपनी 'सिनोकोर' के स्वामित्व और प्रबंधन वाले इस टैंकर को किस कंपनी ने चार्टर किया था। दफ़्तर के समय के बाद टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोध पर सिनोकोर ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

ADNOC और उसके खरीदारों ने हाल ही में मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में फँसे तेल को बाहर निकालने के प्रयास में, कच्चे तेल से लदे कई टैंकरों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़ारा है।

इसके अलावा, डेटा से पता चला कि एक और VLCC, 'कियारा M', रविवार को अपना ट्रांसपोंडर बंद करके खाड़ी से बाहर निकला। यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि सैन मैरिनो का झंडा लगे इस टैंकर पर लदे 2 मिलियन बैरल इराकी कच्चे तेल को कहाँ उतारा जाएगा।

वैश्विक तेल बाजार पर असर

कच्चे तेल की कीमतें वर्तमान में $126 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। यदि टैंकरों की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो बीमा प्रीमियम और शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका सीधा असर दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में 'ट्रैकर बंद' करके जहाज़ों का निकलना यह दर्शाता है कि वैश्विक तेल निर्यात अब एक 'वॉर ज़ोन' जैसी परिस्थितियों में काम कर रहा है, जहाँ सुरक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। 

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