जंग तो कोई एक जीत जाएगा, तबाह हो जाएंगी मासूम जिंदगियां... पुतिन तुम हिटलर हो- रूसी जनता

जंग तो कोई एक जीत जाएगा, तबाह हो जाएंगी मासूम जिंदगियां... पुतिन तुम हिटलर हो- रूसी जनता

यूक्रेन के हजारों लोग देश पर रूस के आक्रमण के बाद पलायन कर रहे हैं और सुरक्षित स्थान की तलाश में पश्चिमी सीमा से लगे देशों में प्रवेश कर रहे हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर रूस ने दूसरे दिन भी हवाई हमले किये। कुछ बॉर्डर क्रॉसिंग पर कई किमीतक कारों की कतार लगी हुई है।

दुनिया ने अबतक दो विश्व युद्ध देखें हैं जिसमें सालों तक जंग लड़ी गयी लेकिन खून के सिवा और कुछ नहीं मिला। जो हारा वो खत्म हो गया लेकिन जो जीता वो भी काफी हद तक तबाह हो गया। विश्व की सबसे बड़ी ताकत ब्रिटेन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। एक वक्त था ब्रिटेन का आधी दुनिया पर कब्जा था लेकिन दूसके विश्व युद्ध के बाद उसके कमर टूट गयी। दूसरे विश्व युद्ध के बाद विश्व की सबसे बड़ी ताकत के रूप में अमेरिका और रूस उभरा था। अमेरिका-रूस में लंबे समय तक शीत युद्ध चला लेकिन सभी को पता था कि यदि युद्ध हुआ तो दोनों तबहा हो जाएंगे। दुनिया तीसरे विश्व युद्ध को झलने की स्थिति में नहीं हैं। हालात बहुत नाजुक है अभी दुनिया कोरोना महामारी से ही लड़ रही थी कि रूस ने यूक्रेन पर हमला करके एक और बड़ी समस्या को विश्व के सामने खड़ा कर दिया है।

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बंदूक के बट तले कुचलने की कवायद 

बंदूख के दम पर यूक्रेन पर कब्जा करने के लिए उतरीं रूसी सेना अपनी सरकार के निर्देशों का पालन कर रही हैं। लंबे समय से यूक्रेन और रूस के बीच तनाव चल रहा था और आखिर 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। युद्ध अभी रूस और यूक्रेन के बीच ही चल रहा है लेकिन पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। हालात दर्दनाक है यूक्रेन की राजधानी से लोग घरों को छोड़-छोड़ कर सुरक्षित जगह भाग रहे हैं। सालों से बसाऊ जिंदगियां उजड़ रही है। मासूम बच्चों की जान पर बन आयी है। यूक्रेन से दिल दहलादेने वाली तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टस में जो जानकारी दी जा रही हैं उससे मानों रूह कांप जाएगी। अब तक दो दिन में यूक्रेन और रूस के हजारों लोग मारे जा चुके हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीरों में आप देखेंगे की कैसे परिवार अपने बच्चों और अपनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

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रूस के मास्को में सैकड़ों लोग यूक्रेन पर अपने देश के आक्रमण के विरोध में सड़कों पर उतर आए। अधिकारियों के दबाव के बावजूद, "युद्ध के लिए नहीं!" के नारे लगाते हुए, मास्को के केंद्र में 1,000 से अधिक लोग एकत्र हुए। जैसे ही गुजरती कारों ने उनके हॉर्न बजाए। कई लोगों को "युद्ध के लिए नहीं" कहते हुए तख्तियां पकड़े हुए देखा गया, जबकि एक प्रदर्शनकारी के पास एक पोस्टर था जिसमें लिखा था "आई एम रशियन, सॉरी फॉर दैट"। रूस के लोगों ने ही पुतिन को हिटलर की उपाधि देकर उनका विरोध किया और पुतिन की अलोचना की। समाचार एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस, 54 रूसी शहरों में लगभग 1,745 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से कम से कम 957 मास्को में थे। राज्य टीवी के लिए काम करने वाले कुछ लोगों सहित कई रूसी हस्तियों और सार्वजनिक हस्तियों ने हमले के खिलाफ आवाज उठाई। राज्य द्वारा वित्त पोषित मॉस्को थिएटर की निदेशक येलेना कोवल्स्काया ने फेसबुक पर घोषणा की कि वह अपनी नौकरी छोड़ रही है, यह कहते हुए कि "एक हत्यारे के लिए काम करना और उसके द्वारा भुगतान प्राप्त करना असंभव है"।

रूस  की जनता पुतिन के खिलाफ सड़को पर उतरी 

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा के कुछ ही देर बाद, देश भर के रूसी नागरिक उनके कार्यों की निंदा करने के लिए सड़कों पर उतर आए। गुरुवार शाम मास्को के केंद्र में 1,000 से अधिक लोग "युद्ध नहीं चाहुए" के नारे लगाते हुए इकठ्ठा हुए। लोगों ने सड़को पर पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने युद्ध खत्म करने की मांग की। प्रदर्शनकारी स्थानीय समयानुसार शाम करीब 7 बजे (16:00 GMT) ऐतिहासिक गोस्टिनी ड्वोर शॉपिंग आर्केड के बाहर सेंट पीटर्सबर्ग सहित कई अन्य शहरों में भी सड़कों पर उतरे। भारी पुलिस बल की पृष्ठभूमि में कुछ लोगों ने राष्ट्रपति की कठोर निंदा की। एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि 54 रूसी शहरों में करीब 1,745 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से कम से कम 957 मास्को में थे।

दुनिया भर में युद्ध विरोधी विरोध प्रदर्शन

न केवल रूस, बल्कि यूक्रेन के आक्रमण की निंदा करने के लिए गुरुवार को टोक्यो से तेल अवीव और न्यूयॉर्क तक के शहरों में सार्वजनिक चौकों और रूसी दूतावासों के बाहर प्रदर्शनकारी निकले। स्विस राजधानी बर्न में, सैकड़ों लोग यूक्रेन के झंडे पकड़े हुए और "यूक्रेन के लिए शांति!" का नारा लगाते हुए एकत्र हुए। संयुक्त राष्ट्र के यूरोपीय मुख्यालय के बाहर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अंतर्राष्ट्रीय अभियान टू एबोलिश न्यूक्लियर वेपन्स (ICAN) द्वारा आयोजित जिनेवा में एक छोटा सा प्रदर्शन, समूह ने जो कहा वह परमाणु हथियारों का उपयोग करने के लिए पुतिन की धमकी की निंदा करता है।

अन्य प्रदर्शन बेरूत, तेल अवीव, डबलिन और प्राग में आयोजित किए गए। ओवीडी-इन्फो राइट्स मॉनिटर ने कहा कि गुरुवार को 19:39 जीएमटी तक, पुलिस ने रूस के 53 शहरों में 1,667 से कम लोगों को हिरासत में लिया था। तास समाचार एजेंसी ने बताया कि अकेले मास्को में छह सौ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

यूक्रेन के हजारों लोग देश से कर रहे पलायन

यूक्रेन के हजारों लोग देश पर रूस के आक्रमण के बाद पलायन कर रहे हैं और सुरक्षित स्थान की तलाश में पश्चिमी सीमा से लगे देशों में प्रवेश कर रहे हैं। उल्लखनीय है कि यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर रूस ने दूसरे दिन भी हवाई हमले किये। कुछ बॉर्डर क्रॉसिंग पर कई किमीतक कारों की कतार लगी हुई है। पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और मोलदोवा में अधिकारी उनकी अगवानी करने के लिए तैयार हैं। वे यूक्रेन के लोगों को आश्रय, भोजन और कानूनी मदद उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने सीमा पर होने वाली सामान्य प्रक्रिया में भी ढील दे दी है। कोविड जांच कराने से भी छूट दी गईहै। मेदयका, पोलैंड में बड़े बॉर्डर क्रॉसिंग पर यूक्रेन वासी पैदल और कार तथा ट्रेन से पहुंचे। 

पोलिश अधिकारियों और स्वयंसेवियों ने भोजन और गर्म पेय पदार्थ के साथ उनका स्वागत किया। स्लोवाकिया की पुलिस ने कहा कि उसकी सीमा पर पहुंच रहे ज्यादातर लोग बच्चों के साथ महिलाएं हैं क्योंकि यूक्रेन ने 18 से 60 साल की आयु के पुरुषों के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। इतालवी प्रधानमंत्री मारियो द्राघी ने शुक्रवार को संसद में कहा, ‘‘यह कल्पना की जा सकती है कि भारीसंख्या में शरणार्थी पड़ोसी यूरोपीय देशों की ओर आएंगे। ’’ संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर (संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त) ने यह अनुमान किया है कि एक लाख से अधिक लोगों ने यूक्रेन में अपना घरबार छोड़ दिया है और स्थिति विकराल होने पर 40 लाख लोग अन्य देशों में पलायन कर सकते हैं।