पाक विदेश मंत्री बोले- दिल्ली में RSS की सोच वाली सरकार, वह कश्मीरियों को जकड़े रखना चाहती है

Pak Foreign Minister
अंकित सिंह । Apr 9 2022 3:57PM

महमूद कुरैशी नेशनल असेंबली में कहा कि पाकिस्तान एक संप्रभु राज्य है ... मैं रिकॉर्ड में लाना चाहता हूं कि यूएस-एनएसए ने पाकिस्तान के एनएसए को बुलाया और हमें (रूस) नहीं जाने का आदेश दिया। इस तरह से किस देश को आदेश दिया गया है?

पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज है। सरकार जाने के डर से बौखलाई इमरान खान की पार्टी और उसके नेता अब तक कश्मीर और भारत को लेकर बयानबाजी करना शुरू कर चुके हैं। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में विदेश मंत्री और पीटीआई के नेता शाह महमूद कुरैशी ने हमने कभी वार्ता से इंकार नहीं किया है। हमारे PM ने हमेशा कहा है कि अगर वह (भारत) शांति का एक कदम लेगा तो हम दो लेंगे। वहां (भारत में) जो हिंदुत्व की सोच आई हुई है, जो RSS की सोच दिल्ली में काबिज है वह वर्ता नहीं चाहती। उन्होंने दावा किया कि वह कश्मीरियों को जकड़े रखना चाहती है। वह जुल्म की चक्की में कश्मीरियों को पीसना चाहती है।

महमूद कुरैशी नेशनल असेंबली में कहा कि पाकिस्तान एक संप्रभु राज्य है ... मैं रिकॉर्ड में लाना चाहता हूं कि यूएस-एनएसए ने पाकिस्तान के एनएसए को बुलाया और हमें (रूस) नहीं जाने का आदेश दिया। इस तरह से किस देश को आदेश दिया गया है? उन्होंने दावा किया कि हमने कभी वोटिंग से इनकार नहीं किया है। इसके साथ ही आरोप लगाया कि पाकिस्तान में सांसदों की खरीद-फरोख्त हुई है। उन्होंने कहा कि हमें गुलामी पसंद नहीं है, विपक्ष को गुलामी पसंद है। इसके साथ ही बड़ा दावा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि शायद आज मेरी सरकार का आखरी दिन है।

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वहीं इमरान खान ने भारत की प्रशंसा करते हुए इसे ‘‘महान सम्मान की भावना वाला देश’’ कहा था। उन्होंने कहा था कि कोई भी महाशक्ति भारत को उसके हितों के खिलाफ कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। वे (भारत) प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीद रहे हैं।’’ खान ने यह भी कहा कि वह भारत के खिलाफ नहीं हैं और पड़ोसी देश में उनके काफी प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कारक के कारण और उन्होंने (भारत सरकार) कश्मीर में जो किया, उसकी वजह से भारत के साथ संबंध नहीं सुधर सके। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी भारत को हुक्म नहीं दे सकता। यूरोपीय संघ के राजदूतों ने यहां जो कहा, क्या वे भारत को भी कह सकते हैं?’’ 

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