रूस का दवा यूक्रेन ने बमबारी कर उड़ाई उसकी दो सीमा चौकी, जंग की हो गई है शुरुआत?

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फ्रांसीसी राष्ट्रपति भवन और व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में भी कहा गया कि बाइडन और पुतिन ने यूक्रेन पर अमेरिका-रूस शिखर सम्मेलन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी।

बीते कुछ दिनों से यूक्रेन और रूस के बीच जारी तनातनी के बीच चौकाने वाली खबरें आ रही हैं। सोमवार को रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने बमबारी में उसकी सीमा चौकी को उड़ा दिया है। वहीं इससे पहले यूक्रेन ने भी कई बार दावा किया है कि रूस समर्थित अलगाववादियों ने उसके लोगों पर गोलीबारी की है। हालांकि रूस की ओर से पहली बार यूक्रेन पर आरोप गढ़ा गया है कि उसके द्वारा की गई बमबारी में रूस की संघीय सुरक्षा सेवा द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सीमा चौकी को नष्ट कर दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यूक्रेन और रूस के बीच जंग की शुरुआत हो गई है?

गौरतलब है कि पश्चिमी देशों को यह डर है कि हाल के हफ्तों में यूक्रेन की सीमा के पास रूसी सैन्य जमावड़ा हमले का संकेत है। पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि करीब 1.6 लाख रूसी सैनिक यूक्रेन पर आक्रमण करने के लिए तैयार हैं। पश्चिमी देशों का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो वे रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाएंगे। यूक्रेन ने भी यूरोपीय संघ द्वारा रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की मांग की है। हालांकि अभी तक रूस किसी भी तरह की युद्ध की योजना को नकार रहा है। लेकिन वह व्यापक सुरक्षा की गारंटी चाहता है।

 रूसी समाचार एजेंसियों के अनुसार सिक्योरिटी सर्विस ने एक बयान में कहा, 21 फरवरी को सुबह 9:50 बजे (0650GMT), यूक्रेन से दागी गई एक अज्ञात प्रक्षेप्य  ने रूसी-यूक्रेनी सीमा से लगभग 150 मीटर की दूरी पर रोस्ताव क्षेत्र में FSB सीमा रक्षक सेवा द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सीमा चौकी को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

आपको बता दें रविवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पुतिन के बीच करीब 2 घंटे की टेलीफोन वार्ता हुई थी। इसके बाद दोनों नेता यूक्रेन गतिरोध के समाधान की तलाश में तेजी लाने पर सहमत हुए। इस घटनाक्रम के बाद फ्रांस का कहना है कि यूक्रेन संकट पर एक शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति के प्रस्ताव को अमेरिकी और रूसी राष्ट्रपतियों ने स्वीकार कर लिया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति भवन और व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में भी कहा गया कि बाइडन और पुतिन ने यूक्रेन पर अमेरिका-रूस शिखर सम्मेलन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी।

लेकिन सोमवार को रूस ने इस पहल को झटका देते हुए कहा कि रूसी और अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बीच शिखर सम्मेलन के आयोजन पर चर्चा करना जल्दबाजी होगी। रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि किसी प्रकार की शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए किसी विशेष योजना के बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा यह समझ में आता है कि विदेश मंत्रियों के स्तर पर बातचीत जारी रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शिखर सम्मेलन के लिए अभी कोई ठोस योजना नहीं है।

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