SIR Controversy | कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में लगे 'ज्ञानेश कुमार हटाओ, चुनाव आयोग बचाओ' के पोस्टर

Gyanesh KumAR
ANI
रेनू तिवारी । Sep 25 2026 11:09AM

'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) और भारत के चुनाव आयोग (ECI) के अंदरूनी मतभेदों को लेकर जारी राजनीतिक घमासान अब सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को दिल्ली प्रदेश OBC कांग्रेस ने राजधानी के प्रमुख आईटीओ (ITO) चौराहे के आसपास 'ज्ञानेश कुमार हटाओ, चुनाव आयोग बचाओ' के बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग्स लगा दिए हैं।

'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) और भारत के चुनाव आयोग (ECI) के अंदरूनी मतभेदों को लेकर जारी राजनीतिक घमासान अब सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को दिल्ली प्रदेश OBC कांग्रेस ने राजधानी के प्रमुख आईटीओ (ITO) चौराहे के आसपास 'ज्ञानेश कुमार हटाओ, चुनाव आयोग बचाओ' के बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग्स लगा दिए हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव आयोग के मुख्यालय के बाहर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और ईसी (EC) दफ़्तर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा, इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक एक विशाल विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफ़े की मांग की जाएगी।इसे भी पढ़ें: 5 दिन बाद बड़ा धमाका, रहबर की तस्वीर ले ईरान की US को खतरनाक धमकी

कांग्रेस का कहना है कि ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है

इससे पहले, कांग्रेस ने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि BJP, RSS और चुनाव आयोग ने "वोट चोरी" का आयोजन करके देशद्रोह का काम किया है।

विपक्षी दलों का यह हमला तब हुआ जब 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने खुलासा किया कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग (EC) के भीतर मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) से जुड़े मुद्दों पर तीन में से दो चुनाव आयुक्तों - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी - ने बार-बार सवाल उठाए थे।

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EC के भीतर मतभेदों के बारे में रिपोर्ट में क्या कहा गया है

ध्यान देने वाली बात यह है कि SIR का राष्ट्रीय स्तर पर रोलआउट तीनों आयुक्तों की देखरेख में हुआ है। लेकिन अंग्रेज़ी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फ़ैसलों और आदेशों पर औपचारिक रूप से (रिकॉर्ड पर) आपत्ति जताई है, जो उनके अनुसार उनकी जानकारी के बिना लिए या जारी किए गए थे।

राहुल गांधी ने कहा, "वोट चोरी भारतीय लोगों के ख़िलाफ़ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है।" लोकसभा में विपक्ष के नेता ने X पर कहा, "BJP, RSS और EC, जिन्होंने इसका आयोजन किया, उन्होंने देशद्रोह का काम किया है। न्याय ज़रूर होगा।" राहुल गांधी ने अपनी पहले की गई टिप्पणी का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने EC अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि वे जो कर रहे हैं वह देशद्रोह है और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मीडिया रिपोर्ट को लेकर कुमार पर निशाना साधा। संगठन के प्रभारी कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी कहा कि कुमार को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। वेणुगोपाल ने 'X' पर कहा, "आखिर कोई एक व्यक्ति, अपने आका के आदेश पर, अपनी मर्जी से नाम कैसे हटा सकता है? वह संवैधानिक पद पर बैठे अपने साथियों को दरकिनार करके ऐसे गैर-कानूनी कदम कैसे उठा सकता है, जिनसे हमारे लोकतंत्र को खतरा हो?"

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