ये बदला हुआ ईरान है! जानिए इस बार इजरायल को पहले घुसकर क्यों मारा?

ईरान के इस अंदाज और आक्रामकता ने दिखा दिया है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ने पूरी तरह टेकओवर ले लिया है और इस वक्त एक बार फिर आईआरजीसी में बेहद ताकतवर हो गई है। अब तक ज्यादातर देखा गया था कि ईरान ने खुद पर हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों पर पलटवार ही किया है।
ईरान का सीधा इजरायल पर मिसाइलों का रेला चल पड़ा है। कहा जा रहा है कि यह इजरायल की उन गुस्ताखियों की सजा है जो वह मना करने के बावजूद लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ कर रहा था। लेकिन 7 और 8 जून की दरमियानी रात ईरान ने जिस तरह से इजरायल पर पहले और सीधे हमला किया है वो कई इशारे दे रहा है। ईरान के इस अंदाज और आक्रामकता ने दिखा दिया है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ने पूरी तरह टेकओवर ले लिया है और इस वक्त एक बार फिर आईआरजीसी में बेहद ताकतवर हो गई है। अब तक ज्यादातर देखा गया था कि ईरान ने खुद पर हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों पर पलटवार ही किया है। लेकिन इस बार ईरान ने पहला हमला किया सीधा इजरायल पर। इससे यह भी साफ हो गया है कि ईरान में इस्लामिक रेवोल्यूशन की रिजीम अपने रेजिस्टेंस को जिन्हें वह प्रतिरोध की दूरी बताते हैं कोलैप्स नहीं होने देगी।
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ईरान पहले तो अपने प्रोक्सी या समर्थक संगठनों को अपने दम पर इजरायल से लड़ने देता है लेकिन उन्हें खत्म नहीं होने देगा। यही वजह है कि इस बार हिजबुल्लाह के लिए ईरान ने इजरायल पर मार दिया। लेबनान में ईरान समर्थक हिजबुल्ला के सर्वोच्च नेता सैयद हसन नसरुल्लाह की इसराइल के जरिए की गई हत्या या फिर गाजा में हमास के खिलाफ इजरायल की आक्रामकता सब पर ईरान उतना एक्शन में नहीं आया। लेकिन अब आयतुल्लाह मोजतबा खामनेई के ईरान के सुप्रीम लीडर बनने के बाद वहां अंदरूनी सियासत में भी तेजी से बदलाव आया है और एक बार फिर सरकार पर रिजीम हावी हो चुकी है। यानी सुप्रीम लीडर और उनकी आईआरजीसी जो सिर्फ अपने सुप्रीम लीडर के प्रति जवाबदेह है। ऐसा लग रहा है कि अब खुद आयतुल्ला मोजतबा खामनेई फ्रंट पर आकर लीड कर रहे हैं। पहली बार ईरान ने लड़ाई शुरू की है।
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ईरान अपने अलायंस यानी प्रतिरोध की धुरी के साथ खुलकर खड़ा हो गया है और इजरायल को यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि अगर तुम करोगे तो हम भी करेंगे। यही वजह भी रही कि इधर हिजबुल्ला के लिए ईरान ने इसराइल पर हमला कर दिया। उधर ईरान के समर्थन में उसके दूसरे प्रॉक्सी हूती ने लाल सागर पर पहरा बैठा दिया और इस समुंदरी रास्ते को ब्लॉक करने का ऐलान कर दिया। यह इस बात की अलामत है कि ईरान में मौजूदा नेतृत्व पूरी रणनीति के साथ लंबी और आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। अब इसराइल की आक्रामकता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकेगा। जिसका डर था वही हो रहा है। मिडिल ईस्ट में अब इसराइल की मनमानी की कीमत सऊदी, यूएई, क़तर सबको चुकानी पड़ेगी और पूरी दुनिया को भी।
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