जिनपिंग के चीन पहुंचते ही भारत बॉर्डर से हटे सैनिक! ट्रंप रह गए हैरान

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अभिनय आकाश । Sep 16 2026 3:18PM

ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भारत और चीन के संबंधों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार एलएसी पर चीनी सेना की तैनाती घटी है, जबकि भारतीय सेना मजबूती से डटी हुई है। दोनों देशों के बीच लगातार जारी कूटनीतिक और सैन्य बातचीत से सीमा पर हालात अधिक स्थिर हुए हैं।

वैसे तो ब्रिक्स सम्मेलन में पुतिन ने जिस तरह से भारत के साथ मजबूत दोस्ती की मिसाल दुनिया के सामने पेश की उसने सबको चौंका दिया। लेकिन उससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने जो कुछ भी किया उसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। क्योंकि पहली बार उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ भारत का साथ दिया और भारत चीन के संबंधों को सुधारने के लिए जो बातें उन्होंने कही वो कहीं ना कहीं पाकिस्तानी नहीं बल्कि ट्रंप के भी पेट में दर्द कर रही है। या नहीं बल्कि भारत के साथ कई मुद्दों पर भी जिनपिंग ने सहमति जताई जिसमें सबसे बड़ी सहमति सीमा विवाद को सुलझाने को लेकर बनी और अब इस सहमति का जमीनी स्तर पर ऐसा नतीजा देखने को मिला है जिसने भारत को भी हैरान कर दिया है क्योंकि अब भारत चीन बॉर्डर से ऐसी खुशखबरी सामने आई है जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं होगी कि इतनी जल्दी कैसे बॉर्डर पर बड़ा बदलाव हो सकता है। दरअसल जिनपिंग के चीन पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद बॉर्डर से बड़ी खबर सामने आई है।

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खबर है कि अचानक एलएसी से चीनी सेना की तैनाती कम हो गई है। या यूं कहें कि चीन ने बॉर्डर से अपने सैनिकों की तैनाती घटा दी है। जहां चीन ने अपनी तैनाती घटाई है तो व भारत ने बॉर्डर पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। रक्षा मंत्रालय की 2025 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी सीमा पर चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी यानी कि पीएलए की तैनाती में बड़ी कमी देखी गई है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी के सामने अपनी तैनाती घटाई है और अब उत्तरी सीमाओं और पारंपरिक ट्रेनिंग इलाकों में करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के बराबर बल तैनात है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की तरफ से सभी एलएसी सेक्टर में सेना की तैनाती मजबूत बनी हुई है। भारतीय सेना किसी भी उभरती चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और सही स्थिति में है। 

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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत चीन के बीच सकारात्मक राजनीतिक कूटनीतिक और सैन्य स्तर की बातचीत से उत्तरी सीमाओं पर हालात में ज्यादा स्थिरता आई है। भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर पर बातचीत भी फिर से शुरू हुई है। इसमें अक्टूबर 2025 में पूर्वी लद्दाख में हुई 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक भी शामिल है। दोनों देशों के बीच सैन्य बातचीत के जरिए सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और तनाव कम करने की कोशिश जारी है। इसके अलावा पीएलए के साथ बॉर्डर पर्सनल मीटिंग यानी बीपीएम भी सभी सेक्टरों में जारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बैठकों का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा है और इनके जरिए दोनों पक्षों से जुड़े मुद्दों को उठाया और सुलझाया जा रहा है। कुल मिलाकर साफ है कि सीमा विवाद के मुद्दे पर अब चीन ने अपने रूप में कहीं ना कहीं बहुत बड़ा बदलाव किया है जिसका नतीजा भी अब सामने आ गया है। 

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