Iran-US Economic War | 'तेल की एक भी बूंद एक्सपोर्ट नहीं होने देंगे', ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर दी 'इकोनॉमिक वॉर' की बड़ी चेतावनी

Strait of Hormuz
ANI
रेनू तिवारी । Aug 24 2026 10:17AM

इस अहम समुद्री मार्ग से दुनिया के कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। उसने देशों को ईरान के खिलाफ अमेरिका की उस लड़ाई में साथ न देने की चेतावनी भी दी, जो पांच महीने से ज़्यादा समय से चल रही है।

अमेरिका और ईरान के बीच गहराता तनाव अब वैश्विक ऊर्जा संकट में बदलता दिख रहा है। ईरान ने सोमवार को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि अमेरिका उसके खिलाफ 'आर्थिक युद्ध' (Economic War) जारी रखता है, तो वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से खनिज तेल का निर्यात पूरी तरह ठप्प कर देगा। इस अहम समुद्री मार्ग से दुनिया के कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। उसने देशों को ईरान के खिलाफ अमेरिका की उस लड़ाई में साथ न देने की चेतावनी भी दी, जो पांच महीने से ज़्यादा समय से चल रही है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी और कट्टरपंथी नेता मोहसेन रेज़ाई ने X (पहले ट्विटर) पर कहा, "अगर इकोनॉमिक वॉर जारी रहा, तो तेल की एक बूंद भी एक्सपोर्ट नहीं होगी - न तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य से और न ही फारस की खाड़ी में कहीं से। ईरान, ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिका के इकोनॉमिक वॉर में किसी भी देश की भागीदारी या समर्थन को युद्ध की कार्रवाई मानेगा।"

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रेज़ाई की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह होर्मुज़ को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर देंगे। ईरान और ओमान के बीच का यह संकरा जलमार्ग 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से ही नाकेबंदी (blockade) का सामना कर रहा है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन में भारी रुकावट आई है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं।

ट्रंप प्रशासन होर्मुज़ की नाकेबंदी को लेकर भारी दबाव का सामना कर रहा है, और उसके सहयोगी देश भी ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, इस महीने की शुरुआत में 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अगर मध्य पूर्व का यह देश होर्मुज़ को खोलने का फैसला करता है, तो ट्रंप ईरान के खिलाफ दुश्मनी खत्म करने और परमाणु समझौते को छोड़ने पर विचार कर रहे थे।

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लेकिन दूसरी ओर, ईरान और ओमान ने होर्मुज़ से गुज़रने वाले जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए एक समझौता किया है। वे इसके मैनेजमेंट पर भी चर्चा कर रहे हैं, जिसके तहत जहाजों को फीस देनी पड़ सकती है; जबकि ट्रंप ने दोहराया है कि होर्मुज़ सभी जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए।

ट्रंप ने होर्मुज़ पर ईरान के साथ समझौते को लेकर ओमान को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में फॉक्स न्यूज़ से कहा था, "अगर ओमान रास्ते में आया, तो हम उन पर ज़बरदस्त बमबारी करेंगे।" हालांकि, ओमान ने उनकी धमकियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच, एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने रिपोर्ट दी है कि पिछले 48 घंटों में होर्मुज में कोई कन्फर्म हमला नहीं हुआ, हालांकि शिपिंग ट्रैफिक अभी भी कम स्तर पर बना हुआ है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के कारण रविवार को 70 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया गया था।

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