विदेश मंत्री एस जयशंकर की भूटान यात्रा में क्या है खास? समझें इसके मायने

विदेश मंत्री एस जयशंकर की भूटान यात्रा में क्या है खास? समझें इसके मायने
ANI

जयशंकर ने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग से मिलकर खुशी हुई। हमने वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया जो हम सभी को प्रभावित करते हैं। इसके साथ ही उन्हें हमारी विकास साझेदारी सहित हमारे द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति से अवगत कराया।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर आज भूटान पहुंचे जहां उनका स्वागत वहां के विदेश मंत्री तंडी दोर्जी ने किया। जयशंकर बांग्लादेश-भूटान की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग के साथ बातचीत की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ मौजूदा वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा की। बातचीत के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय सहयोग और विकास साझेदारी में हुई प्रगति की जानकारी दी। जयशंकर ने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग से मिलकर खुशी हुई। हमने वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया जो हम सभी को प्रभावित करते हैं। इसके साथ ही उन्हें हमारी विकास साझेदारी सहित हमारे द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति से अवगत कराया।

इसे भी पढ़ें: जयशंकर से मुलाकात के दौरान शेख हसीना ने भारत द्वारा उपयोग के लिये चटगांव बंदरगाह की पेशकश की

जयशंकर ने ट्वीट किया, "भूटान में वापस आकर खुशी हुई। एफएमबी भूटान टांडी दोर्जी को देखकर अच्छा लगा। सकारात्मक यात्रा की उम्मीद है।" उन्होंने यहां अपने आगमन की तस्वीरें भी साझा कीं। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जयशंकर अपने भूटानी समकक्ष ल्योंपो टांडी दोर्जी के निमंत्रण पर भूटान में हैं। बयान में कहा गया है कि भारत और भूटान एक अद्वितीय और समय-परीक्षणित द्विपक्षीय संबंध साझा करते हैं। 

इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्री जयशंकर ने पुर्तगाली समकक्ष के साथ यूक्रेन संकट पर चर्चा की

28 से 30 अप्रैल तक बांग्लादेश और भूटान की तीन दिवसीय यात्रा शुरू कर रहे जयशंकर गुरुवार को ढाका पहुंचे। जयशंकर की बांग्लादेश यात्रा उल्लेखनीय है क्योंकि मार्च 2021 के बाद से यह उनकी पहली यात्रा है। ढाका में, जयशंकर ने बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना से देश की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान मुलाकात की और इस साल के अंत में भारत आने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण से भी अवगत कराया। विदेश मंत्री जयशंकर ने आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बांग्लादेश के प्रधान मंत्री के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने अपने समकक्ष बांग्लादेश के विदेश मंत्री, एके अब्दुल मोमेन से भी मुलाकात की और उन्हें भारत में होने वाली संयुक्त सलाहकार आयोग की अगली बैठक में भाग लेने का निमंत्रण दिया।